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Showing posts from October 29, 2019

जीका वायरस रोग के लक्षण और बचाव

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 जीका वायरस रोग के लक्षण और बचाव--     एक साल पूर्व जीका वायरस का प्रकोप केरल और कुछ दक्षिणी भारत के राज्यों तक सुनने को मिल रहा था,आज 2021 में जीका वायरस के मरीज उत्तर भारत तक पैर पसार चुका है ,मध्यप्रदेश,गुजरात,राजस्थान  में कई जिलों में पैर पसार रहा है जीका वायरस  छोटे शहरों कस्बों तक भी फैल रहा है ,इस रोग के लक्षण वाले मरीज़ उत्तर प्रदेश के,इटावा ,कन्नौज,जालौन ,फतेहपुर में मिले हैं। उत्तर भारत और मध्य भारत तक इसके मरीज  बहुतायत में मिले हैं। कैसे फैलता है जीका वायरस-- जीका वायरस का संक्रमण मच्छरों के द्वारा होता है,वही मच्छर जिनसे डेंगू और चिकुनगुनिया होता है, यानी मच्छर काटने के बाद ही जीका वायरस फैलता है। थोड़ा सा अंतर भी है डेंगू वायरस और जीका वायरस में ,जीका वायरस  से यदि एक बार कोई संक्रमित हो जाता है ,और वह अपने साथी से शारीरिक संबंध बनाता है तो उसे भी संक्रमित कर सकता है,साथ मे संक्रमित माता के पेट मे पल रहे गर्भस्थ शिशु भी संक्रमित हो सकता है, साथ मे  जीका वायरस से संक्रमित व्यक्ति यदि कहीं ब्लड डोनेट करता है ,तो उस  ब्लड में भी जीका वायरस होता है। इस प्रकार ये खून जिसके श

Tamra pashan kaal ताम्र पाषाण युग The Chalcolithic Age

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ताम्र पाषाण युग-  The Chalcolithic Age   नव पाषाण कालीन सभ्यता में उत्तरोत्तर विकास के बाद ताम्र पाषाण कालीन सभ्यता का विकास हुआ, इसका समय 5000 से 4000 साल पूर्व  था , इस सभ्यता में तांबे के हथियार सामान्यता प्रयोग में लाये गए , साथ मे कुछ पत्थर के हथियार भी प्रयोग में लाये जाते रहे , यद्यपि ताम्र पाषाण काल की अवधि बहुत ज्यादा नही थी जितनी आगे की सभ्यता लौह युग की परंतु इस सभ्यता के द्वारा किये जा रहे प्रयोगों से ही आगे की सभ्यता को नींव प्रदान की। ताम्र पाषाण काल के हथियार        ताम्र पाषाण युग---     जिस समय सिंधु सभ्यता अपने चरमोत्कर्ष पर थी  उस समय देश के अलग अलग भागों में तांबे को प्रयोग में लाने वाली कुछ कृषक बस्तियां तेजी से विकसित हो रहीं थीं, इन सभी बस्तियों में अपनी अपनी कुछ क्षेत्रीय विशेषतायें भी दिखतीं है,इसलिए क्षेत्रवार इन बस्तियों को अलग अलग स्थल नामों से जाना जाता है।      ताम्र पाषाण कालीन संस्कृति की कुछ सामान्य         विशेषतायें   पाई जातीं थी,ये अधिकांसता ग्रामीण बस्तियां थीं और कृषि पर इनकी आर्थिक स्थिति निर्भर थी,ये गोल तथा आयताकार  झोपड़ियों म