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Showing posts from March 15, 2020

असित कुमार हलदार आर्टिस्ट की biography

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 असित कुमार हाल्दार आर्टिस्ट की बायोग्राफी असित कुमार हाल्दार एक कल्पना शील, भावप्रवण चित्रकार के साथ साथ अच्छे साहित्यकार ,शिल्पकार, कला समालोचक,चिंतक,कवि,विचारक भी थे। असित कुमार हाल्दार का प्रारंभिक जीवन--- असित कुमार हलदार का जन्म सन 1890 पश्चिम बंगाल के जोड़ासांको नामक स्थल में  स्थित टैगोर भवन  के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। इनकी नानी रवींद्र नाथ टैगोर की बहन थीं।   असित कुमार हलदार के बाबा  का नाम राखालदास हाल्दार था  जो उस समय लंदन विश्वविद्यालय में संस्कृत विषय के प्राध्यापक थे, और पिता सुकुमार हाल्दार भी कला में निपुण थे  ,उनकी प्रेरणा से असित कुमार हलदार को भी कला में अभिरुचि जगी। साथ मे वो बचपन से ही ग्रामीणों के बीच रहकर उनकी पटचित्र कला को गौर से देखा और समझा था।  15 वर्ष की आयु में हाल्दार को कलकत्ता के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला मिल गया , यहां पर इनको गुरु के रूप में  अवनींद्र नाथ टैगोर का सानिध्य मिला। उनसे उन्होंने कला की बारीकियों को सीखा,  यहां पर इन्होंने जादू पाल और बकेश्वर पाल से मूर्तिकला सीखी।    यहां आपको पर असित कुमार हाल्दार को अपने कक्षा में अन्

ISI का full form क्या होता है।

ISI का full form होता है Indian Standard Institute या हिंदी में इसका नाम है- "भारत मानक संस्थान"   ISI mark क्या है? आई एस आई मार्क लगा हुआ हम जब किसी प्रोडक्ट में देखतें हैं तो झट से विश्वास हो जाता है की सही है या फिर किसी चीज को खरीदते समय हम उसे उलट पलट कर I S I मार्क देखते है ,पर हर जगह की क्वालिटी के लिए ISI मार्क नही होता जैसे सोने की ज्वेलरी के लिए हाल मार्क होता है , इनके जाँच के लिए अलग  संस्थान हैं ।   ISI प्रमाणपत्र किसी प्रोडक्ट को तभी मिलता है जब वो एक निश्चित मानकों पर खरा उतरता है इसके लिए भारतीय मानक संस्थान हर चीज के लिए कुछ निश्चित मानक निर्धारित करता है उन हर मानको को परखने के लिए उस प्रोडक्ट के प्रयोगशाला में जाँच की जाती है जो कई चरण में होती है  यदि वो जांचोपरांत सभी स्टैण्डर्ड(मानक)में खरा उतरता है तब उस प्रोडक्ट में ISI की मोहर लगाने तथा उसका क्रमांक दर्शाने क अनुमति मिलती है । इसके लिए निर्माता से जाँच के बाद भी संपर्क रखा जाता है।      बिना ISI के प्रमाणन के  वस्तु की गुणवत्ता में कुछ कमी बरकरार रहती है और आम जन के बीच उसकी बिक्री भी कम हो