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Showing posts from March 15, 2020

Satish Gujral Artist की जीवनी हिंदी में

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    सतीश गुजराल आर्टिस्ट की जीवनी--  Biography of  Satish Gujral Artist --   सतीश गुजराल बहुमुखी प्रतिभा के धनी एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार,मूर्तिकार वास्तुकार,लेखक हैं जिनका जन्म 25 दिसंबर 1925 को झेलम पंजाब (जो अब पाकिस्तान में है) में हुआ था।इनको देश के दूसरे सर्वोच्च सिविलियन अवार्ड पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।इनके बड़े भाई इंद्रकुमार गुजराल 1997 से 1998 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे है।जो भारत के 13 वें प्रधानमंत्री थे। सतीश गुजराल का बचपन--    जब सतीश गुजराल मात्र 8 साल के थे तब उनके साथ एक दुर्घटना हो गई उनका पैर  एक नदी के पुल में फिसल गया वह जल धारा में पड़े हुए पत्थरो से गंभीर चोट लगी पर  उन्हें बचा लिए गया,इस दुर्घटना के  कारण उनकी टांग टूट गई तथा सिर में गंभीर चोट आई,सिर में गंभीर चोट के कारण उनको एक  सिमुलस नामक बीमारी ने घेर लिया जिससे  उनकी श्रवण शक्ति चली गई। उनकी श्रवण शक्ति खोने,पैर में चोट लगने के कारण उनको लोग लंगड़ा,बहरा गूंगा समझने लगे।वह पांच साल बिस्तर में ही लेटे रहे,यह समय उनके लिए बहुत ही संघर्ष पूर्ण था।इसलिए वह अकेले में खाली समय बैठकर रेखाचित्र बनाने लगे। 

ISI का full form क्या होता है।

ISI का full form होता है Indian Standard Institute या हिंदी में इसका नाम है- "भारत मानक संस्थान"   ISI mark क्या है? आई एस आई मार्क लगा हुआ हम जब किसी प्रोडक्ट में देखतें हैं तो झट से विश्वास हो जाता है की सही है या फिर किसी चीज को खरीदते समय हम उसे उलट पलट कर I S I मार्क देखते है ,पर हर जगह की क्वालिटी के लिए ISI मार्क नही होता जैसे सोने की ज्वेलरी के लिए हाल मार्क होता है , इनके जाँच के लिए अलग  संस्थान हैं ।   ISI प्रमाणपत्र किसी प्रोडक्ट को तभी मिलता है जब वो एक निश्चित मानकों पर खरा उतरता है इसके लिए भारतीय मानक संस्थान हर चीज के लिए कुछ निश्चित मानक निर्धारित करता है उन हर मानको को परखने के लिए उस प्रोडक्ट के प्रयोगशाला में जाँच की जाती है जो कई चरण में होती है  यदि वो जांचोपरांत सभी स्टैण्डर्ड(मानक)में खरा उतरता है तब उस प्रोडक्ट में ISI की मोहर लगाने तथा उसका क्रमांक दर्शाने क अनुमति मिलती है । इसके लिए निर्माता से जाँच के बाद भी संपर्क रखा जाता है।      बिना ISI के प्रमाणन के  वस्तु की गुणवत्ता में कुछ कमी बरकरार रहती है और आम जन के बीच उसकी बिक्री भी कम हो