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Showing posts from January 12, 2021

नीतीश कुमार का जीवन परिचय: सुशासन बाबू से 10 बार मुख्यमंत्री बनने तक का राजनीतिक सफर

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 नीतीश कुमार का जीवन परिचय: सुशासन बाबू से 10 बार मुख्यमंत्री बनने तक का राजनीतिक सफर राजनीति का गढ़ बिहार ,बिहार वो स्थान है जहां के बच्चे बच्चे राजनीति का ककहरा जानते हैं ,बिहार वो स्थान है जहां से भारत की प्राचीन राजनीति मगध से शुरू हुई और पूरे देश में प्राचीन काल में मगध से ही चंद्रगुप्त मौर्य और चाणक्य ने निर्दयी निरंकुश आतताई शासक घनानंद को गद्दी से उतारकर एक विशाल साम्राज्य की स्थापना की ,आज भी बिहार भारत की राजनीति को अपने हिसाब से घुमाने का केंद्र है ,यहां के चीफ मिनिस्टर नीतीशकुमार को कौन नहीं जानता ,उनको लोग "पलटू राम" के नाम से भी संबोधित करते हैं क्योंकि उनको ज्ञान रहता है कि राजनीति का ऊंट किस करवट बैठने वाला है ,वो उसी अनुरूप अपना डिसीजन लेते है और फौरन दल बदल लेते हैं। वह कभी लालू की पार्टी का दामन थामकर मुख्यमंत्री बनते हैं तो कभी भाजपा का दामन थाम लेते है ,उनके लिए राजनीति में कोई मित्र शत्रु नहीं होता ।वैसे बिहार के चीफ मिनिस्टर का मुख्य उद्देश्य सत्ता में खुद को बनाए रखकर बिहार को सुशासन देना है इसीलिए इन्हें  लोग सुशासन बाबू के नाम से भी संबोधित करते है ,...

शोभा सिंह (shobha singh ) चित्रकार की जीवनी:

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 शोभा सिंह (shobha singh ) चित्रकार की जीवनी:   जन्म-- 29 नवंबर 1901 मृत्यु-  22 अगस्त 1986(84 वर्ष की उम्र में)            सरदार शोभा सिंह चित्रकार का जन्म 29 नवंबर1901 को  सिख परिवार में गुरुदास पुर जिले में हुआ था। इनके पिता देवा सिंंह भारतीय सेना में थे शोभा सिंह 1919 में सेना में ड्राफ्ट्समैन के रूप में नियुक्त हुए परंतु 1923 में ही कला में  कुछ नया करने के लिए  सेना से इस्तीफा दे दिया,तथा अमृतसर मैं एक अपना स्टूडियो खोला , कुछ दिनों बाद  उन्होंने  अपना एक स्टूडियो लाहौर दिल्ली और मुंबई में  भी स्थापित किया पर परंतु विभाजन के बाद उन्होंने  लाहौर को छोड़ दिया और हिमाचल प्रदेश के एक अजनबी स्थान  एंड्रेटा में बस गए , यह स्थान  आज  उनकी कला  दीर्घा के कारण  विश्व पटल में  एक पहचान  रखता है ।       शिक्षा  दीक्षा ---------     शोभा सिंह ने 15 वर्ष की उम्र में  अमृतसर  के एक तकनीकी औद्योगिक स्कूल में कला और क्राफ्ट का एक साल का क...