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Showing posts from January 12, 2021

Review of fact history four बुक|किरण प्रकाशन|आर्य कॉप्टिशन| ज्ञान पुस्तक|महेश बरनवाल

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  Review of fact history four बुक: ज्ञान पुस्तक,महेश बरनवाल किरण प्रकाशन,आर्य कॉप्टिशन विषय प्रवेश--  यदि कोई छात्र इंटरमीडिट के एग्जाम पास करने के बाद कॉम्पटीशन लाइन में प्रवेश करता है तो उसे पुस्तको के चयन में बहुत कंफ्यूज़न होता है। इस review से इतिहास की सही बुक लेने में मदद मिलेगी। Review of four books  आज हम बाज़ार में उपलब्ध चार फैक्ट आधारित बुक्स का रिव्यु करता हूँ ।  क्योंकि ज़्यादातर वनडे एग्जाम रेलवे,एस एस सी, लेखपाल या पटवारी का एग्जाम ग्राम विकास अधिकारी ,कांस्टेबल का एग्जाम,SI का एग्जाम,असिस्टेन्स टीचर्स,DSSB आदि के एग्जाम में इतिहास के फैक्चुअल प्रश्न पूंछे जाते हैं हालांकि वो GS पर आधारित हैं पर उन प्रश्नों हल करने के लिए भी कुछ डीप स्टडी जरूरी है। इसके लिए आप या तो आप ख़ुद नोट्स तैयार करें या फ़िर इन बुक्स की मदद लेकर विभिन्न वनडे एग्जाम में हिस्ट्री के प्रश्नों को आसानी से सही कर पाने में सक्षम हो पाते हैं।  पहली पुस्तक की बात करते है जो इतिहास के फैक्ट पर आधारित है। ज्ञान इतिहास की । इस पुस्तक का संंपादन ज्ञान चंद यादव ने किया है।    इस बुक में इतिहास के बिन्दुओं को क्रमब

शोभा सिंह (shobha singh ) चित्रकार की जीवनी:

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 शोभा सिंह (shobha singh ) चित्रकार की जीवनी:   जन्म-- 29 नवंबर 1901 मृत्यु-  22 अगस्त 1986(84 वर्ष की उम्र में)            सरदार शोभा सिंह चित्रकार का जन्म 29 नवंबर1901 को  सिख परिवार में गुरुदास पुर जिले में हुआ था। इनके पिता देवा सिंंह भारतीय सेना में थे शोभा सिंह 1919 में सेना में ड्राफ्ट्समैन के रूप में नियुक्त हुए परंतु 1923 में ही कला में  कुछ नया करने के लिए  सेना से इस्तीफा दे दिया,तथा अमृतसर मैं एक अपना स्टूडियो खोला , कुछ दिनों बाद  उन्होंने  अपना एक स्टूडियो लाहौर दिल्ली और मुंबई में  भी स्थापित किया पर परंतु विभाजन के बाद उन्होंने  लाहौर को छोड़ दिया और हिमाचल प्रदेश के एक अजनबी स्थान  एंड्रेटा में बस गए , यह स्थान  आज  उनकी कला  दीर्घा के कारण  विश्व पटल में  एक पहचान  रखता है ।       शिक्षा  दीक्षा ---------     शोभा सिंह ने 15 वर्ष की उम्र में  अमृतसर  के एक तकनीकी औद्योगिक स्कूल में कला और क्राफ्ट का एक साल का कोर्स किया  उसके बाद इन्होंने  इसी डिप्लोमा के सहारे  इंडियन आर्मी में  ड्राफ्ट्समैन  की नौकरी पाई  सेना में नौकरी के दरमियान  यह  मेसोपोटामिया और मध्य एशिया के