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Showing posts from June 12, 2019

योगी आदित्यनाथ की जीवनी: संन्यास से सत्ता तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का सफर

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योगी आदित्यनाथ की जीवनी: संन्यास से सत्ता तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का सफर योगी आदित्यनाथ को आज पूरा भारत जानता है क्योंकि उन्होंने उत्तरप्रदेश में मुख्यमंत्री पद में रहते हुए सुशासन का ऐसा मॉडल दिया है जिसकी प्रशंसा उत्तरप्रदेश के निवासी तो करते ही है पूरे भारत के हर स्टेट में गुंडा गर्दी और माफिया राज में में नकेल कसने के लिए योगी मॉडल की जरूरत बताई जा रही है ,आज उत्तर प्रदेश में गुंडा माफिया या तो सरेंडर कर चुके हैं या दूसरे प्रदेश में जाकर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे, क्या मजाल कि वह दुबारा उत्तरप्रदेश की तरफ रुख करें,आज उत्तर प्रदेश में महिलाएं बेटियां निश्चिंत होकर मार्केट में खरीददारी करती है, महिलाएं  जॉब कर रहीं है, लड़कियां शाम होने तक कोचिंग ट्यूशन पढ़ती हैं पर उनको गुंडों लफंगों का डर नहीं सताता।  योगी आदित्यनाथ   सात भाइयों बहनों के पांचवें नंबर के ये भैया उत्तराखंड  के पौड़ी गढ़वाल में 5 जून 1972 में फॉरेस्ट रेजर आनंद सिंह बिष्ट के यहां जन्में थे  वह भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता माने जाते हैं, उन्होंने सत्ता संभालते ही हिं...

Mahadev Govind Ranade ,Atmaram Pandurang Social Reformer

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महादेव गोविन्द रानाडे-- रानाडे का जन्म महाराष्ट्र के नासिक के एक क़स्बे निफाड़ में हुआ था,ये चितपावन ब्राम्हण थे ,इनके पिता मंत्री पद में थे, इनकी प्रारंभिक शिक्षा एलफ़िन्स्टन कॉलेज में हुई इसके बाद उच्च शिक्षा बम्बई विश्विद्यालय से किया यहां से इन्होंने स्नातकोत्तर और एल. एल .बी .की शिक्षा अर्जित  रानाडे ने ब्रम्हसमाज से प्रेरित होकर  प्रार्थना समाज की स्थापना आत्माराम पांडुरंग के सहयोग से किया ,रानाडे ने सामाजिक सम्मेलन आंदोलन भी प्रारम्भ किया, साथ में इन्होंने पूना सार्वजनिक सभा नामक राजनैतिक संगठन बनाया।  इन्होंने बाल विवाह,विधवा मुंडन का विरोध किया ,शादी के अवसर पर की जाने वाली फ़िजूलख़र्च को ग़लत बताया , साथ में विधवा पुनर्विवाह और स्त्री शिक्षा पर जोर दिया।       :दक्षिण भारत में धर्म सुधार आंदोलन: यदि हम दक्षिण भारत और पश्चिमी भारत की तरफ नजर दौड़ातें हैं तो वहां पर भी उसी समय हिन्दू धर्म में आई कुरीतियों आडंबरों का विरोध सांगठनिक रूप से होता है,यदि पश्चिमी भारत के साथ दक्षिण भारत में मद्रास तक रुख़ करतें है तो वहां भी उसी समय समाज मे व्याप्त ब...