उत्तर रामायण के 'कुश' मयूरेश क्षेत्रमाडे: अभिनय की सादगी से 1400 करोड़ के साम्राज्य तक का अद्भुत सफर
भूमिका: जब भक्ति शक्ति बन गई
80 के दशक का वो दौर, जब रविवार की सुबह सड़कें सूनी हो जाती थीं और टीवी के सामने अगरबत्ती जलती थी। रामानंद सागर की 'रामायण' ने हमें मर्यादा पुरुषोत्तम से मिलवाया, तो 'उत्तर रामायण' ने लव-कुश की मासूमियत और वीरता से हमारा परिचय कराया। आज भी जब हम उन दो बालकों को 'हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की' गाते हुए देखते हैं, तो आँखें नम हो जाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि माता सीता की गोद में खेलने वाला वो छोटा सा 'कुश' आज असल जिंदगी में व्यापार जगत का 'कुबेर' बन चुका है?
आइए, अभिनेता मयूरेश क्षेत्रमाडे के उस सफर को जानते हैं, जो कैमरे की चकाचौंध से शुरू होकर न्यूयॉर्क के कॉर्पोरेट गलियारों तक जा पहुँचा।
कैसे मिला 'कुश' का किरदार?
मयूरेश का अभिनय की दुनिया में आना कोई इत्तेफाक नहीं था, बल्कि उनकी नैसर्गिक प्रतिभा थी। बहुत कम लोग जानते हैं कि मयूरेश के माता-पिता का थिएटर और कला से गहरा लगाव था। घर में साहित्यिक और सांस्कृतिक माहौल होने के कारण बचपन से ही उनमें संवाद अदायगी की समझ विकसित हो गई थी।
जब रामानंद सागर 'उत्तर रामायण' के लिए लव और कुश की तलाश कर रहे थे, तब मयूरेश ने अपनी सादगी और गंभीर व्यक्तित्व से सबका ध्यान खींचा। उन्होंने कोई औपचारिक एक्टिंग स्कूल ज्वाइन नहीं किया था, लेकिन उनकी आंखों में एक ऐसी चमक थी जो 'कुश' के स्वाभिमानी और वीर चरित्र के लिए बिल्कुल सटीक थी। सेट पर वे केवल 12-13 साल के थे, लेकिन उनके बोलने के अंदाज़ में एक ऋषि-पुत्र जैसी मर्यादा झलकती थी।
एक्टिंग से अचानक नाता क्यों टूटा?
लोकप्रियता के शिखर पर होने के बावजूद, मयूरेश ने मात्र 13 साल की उम्र में एक्टिंग को अलविदा कह दिया। यह एक साहसी कदम था। जहाँ लोग ग्लैमर्स की दुनिया में खो जाते हैं, वहीं मयूरेश के माता-पिता ने उन्हें जमीन से जुड़े रहने और शिक्षा को प्राथमिकता देने की सीख दी। उन्होंने महसूस किया कि उनका असली गंतव्य अभिनय नहीं, बल्कि कुछ और है।
शिक्षा और संघर्ष: न्यूयॉर्क का सफर
मयूरेश की प्रारंभिक शिक्षा भारत में ही हुई, जहाँ वे एक मेधावी छात्र रहे। बाद में वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए। यह सफर आसान नहीं था। एक विदेशी देश में अपनी पहचान बनाना, फाइनेंस और इकोनॉमिक्स जैसे कठिन विषयों में महारत हासिल करना उनके जीवन का बड़ा संघर्ष था। उन्होंने टेक्सास यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में स्नातक (BA) किया और फिर सांख्यिकी (Statistics) में अपनी पकड़ मजबूत की।
व्यापार की दुनिया में 'राम बाण' सफलता
मयूरेश की कॉर्पोरेट यात्रा साल 2003 में वर्ल्ड बैंक (विश्व बैंक) से शुरू हुई, जहाँ उन्होंने एक रिसर्चर के रूप में काम किया। उन्होंने वहां दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को समझा। इसके बाद वे कॉर्पोरेट फील्ड में उतरे।
- बड़ी कामयाबी: साल 2016 में उन्हें ग्लोबल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म कंपनी 'कमीशन जंक्शन' (Commission Junction - CJ) में बतौर सीईओ (CEO) नियुक्त किया गया।
- कंपनी का काम: उनकी कंपनी कोई भौतिक 'प्रोडक्ट' (जैसे साबुन या तेल) नहीं बनाती, बल्कि यह दुनिया की सबसे बड़ी एफिलिएट मार्केटिंग (Affiliate Marketing) कंपनियों में से एक है। यह डिजिटल विज्ञापन और सेल्स के बीच एक सेतु का काम करती है।बिजनेस का प्रकार: यह कंपनी Performance Marketing और Affiliate Technology पर काम करती है, जो ब्रांड्स और पब्लिशर्स को जोड़ने का काम करती है।
- उपलब्धि: मयूरेश की मेहनत का ही नतीजा था कि साल 2022 तक वे इस कंपनी के रेवेन्यू को 1400 करोड़ रुपये के पार ले गए।
आज का जीवन: सादगी अब भी बरकरार
आज मयूरेश अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क में रहते हैं। भले ही वे करोड़ों की कंपनी के मालिक हैं, लेकिन उनके स्वभाव में वही सादगी है जो 'उत्तर रामायण' के समय थी। वे एक लेखक भी हैं और उन्होंने 'Spite and Revenge' जैसी किताबें भी लिखी हैं, जो उनकी बौद्धिक क्षमता का प्रमाण देती हैं।
निष्कर्ष: हमारे लिए सीख
मयूरेश क्षेत्रमाडे का जीवन हमें सिखाता है कि सफलता के मायने सिर्फ वही नहीं हैं जो पर्दे पर दिखते हैं। अगर आपमें सीखने की भूख और संघर्ष करने का जज्बा है, तो आप 'कुश' की तरह न केवल कला में बल्कि व्यापार के रणक्षेत्र में भी विजय पताका फहरा सकते हैं।
आज भी जब वे पुराने दिनों को याद करते हैं, तो शायद वो 'लव-कुश' की गाथा और रामानंद सागर का मार्गदर्शन ही है, जिसने उन्हें शून्य से शिखर तक पहुँचाने की आध्यात्मिक शक्ति दी।
लेखक की राय:
"जीवन एक रंगमंच है और हम सब इसके पात्र। जरूरी यह नहीं कि आप कौन सा रोल निभा रहे हैं, जरूरी यह है कि आप अपनी असल जिंदगी की पटकथा कितनी मेहनत से लिखते हैं।"
अधिक जानकारी और ऐसी ही प्रेरक कहानियों के लिए पढ़ते रहें manojkiawaaz.com
%20(2).jpeg)
%20(3).jpeg)
%20(4).jpeg)
0 Comments
Please do not enter any spam link in this comment box