​अंशु बिष्ट (GamerFleet) की सफलता की कहानी: बस कंडक्टर के बेटे से 5 करोड़ की 'बिष्ट हवेली' तक का सफर

अंशु बिष्ट (GamerFleet) की सफलता की कहानी: बस कंडक्टर के बेटे से 5 करोड़ की 'बिष्ट हवेली' तक का सफर

 आज आप यदि कुछ नया करना जानते हो ,और आप अपने स्टाइल में दुनिया को बताना जानते हो तो आप गरीब नहीं रह सकते ,ये बात सिद्ध कर दी है मशहूर यू ट्यूबर अंशु बिष्ट ने ,अंशु बिष्ट एक गरीब परिवार से नाता रखते हैं उनके पिता एक। बस कंडक्टर थे,पिता की कम कमाई से बमुश्किल उनका घर चलता था ,एक समय ऐसा था जब अंशु बिष्ट के पास ग्रेजुएशन की फीस भरने के लिए पैसे नहीं थे जिसके कारण उन्होंने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर ग्रेजुएशन की फीस एकत्र की ।अंशु बिष्ट ने तब अपने पिता के आय में सहारा देने के लिए अंशु बिष्ट ने Gamer Fleet नाम से एक यूट्यूब चैनल खोला , अंशु ने गेमिंग और और ब्लॉगिंग में अपनी पहचान बनाई आज उनके मुख्य चैनल अंशु बिष्ट में 7.6 मिलियन से ज़्यादा सब्सक्राइबर हैं,अंशु बिष्ट की पॉपुलैरिटी बहुत ज़्यादा है इसलिए उनके सब्सक्राइबर उनके हर वीडियो को देखते रहते है ,जब दर्शक उनके वीडियो देखते हैं और यूट्यूब अपनी एड्स इन वीडियो में चलाता है तो इस इनकम का आधा हिस्सा यूट्यूबर को भी शेयर करता है , यूट्यूबर की यही कमाई का जरिया होता है ये कमाई कम ज़्यादा होती रहती है फिलहाल अंशु बिष्ट की यूट्यूब से कमाई की बात करे तो इनकी कमाई लगभग सोलह हज़ार डॉलर है जो करीब तेरह से बीस लाख रुपए के बराबर है। इसके अलावा वह विभिन्न  ब्रांड के प्रमोशन से भी कमाई कर लेते हैं। बिष्ट इस समय सोशल मीडिया में इसलिए चर्चा में हैं क्योंकि उन्होंने एक  एक कीमती घर बनवाया है जो अत्यधिक आधुनिक सुविधाएं लिए हुए है उन्होंने अपने घर में इटेलियन,ब्राजीलियन टाइल्स का प्रयोग किया है ,घर के अंदर के सारे सजावटी सामान को फ्रांस से मंगवाया है।अंशु बिष्ट का नया घर 'बिष्ट हवेली' लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये की लागत से बना है। इसे बनने में करीब 2 साल का समय लगा और इसके आर्किटेक्ट मयंक रावत हैं।इसमें एक आधुनिक गेमिंग सेटअप, होम थिएटर, जिम और विशाल लिविंग एरिया है। घर का इंटीरियर मॉडर्न और क्लासी है, जिसमें लकड़ी का बेहतरीन काम और कस्टमाइज्ड लाइटिंग दी गई है।इस घर के मुख्य गेट में सेंसर लगे हैं जो ऑटोमैटिक खुल जाते हैं ,​यह हल्द्वानी के सबसे खूबसूरत और आलीशान घरों में से एक माना जाता है। 

अंशु बिष्ट, जिन्हें दुनिया 'GamerFleet' के नाम से जानती है, भारत के सबसे प्रभावशाली गेमिंग क्रिएटर्स में से एक हैं। उत्तराखंड के हल्द्वानी के एक साधारण परिवार से आने वाले अंशु का सफर संघर्ष और अटूट दृढ़ संकल्प की मिसाल है। शुरुआती दिनों में उन्होंने वित्तीय तंगी और संसाधनों के अभाव का सामना किया, लेकिन गेमिंग के प्रति उनके जुनून ने उन्हें रुकने नहीं दिया।

Anshu Bisht GamerFleet New House Bisht Haveli

प्रारंभिक जीवन और संघर्ष

​अंशु का जन्म उत्तराखंड  के हल्द्वानी  जिले में 25 February 1999  हुआ पालन-पोषण उत्तराखंड में हुआ। एक समय ऐसा भी था जब उनके पास वीडियो बनाने के लिए अच्छा कंप्यूटर या कैमरा नहीं था। उन्होंने बहुत ही कम संसाधनों के साथ यूट्यूब की शुरुआत की। आज उनके यू ट्यूब पर  करोड़ों फैंस है जिन्हें वह प्यार से फ्लीट आर्मी कहते हैं उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ पार्ट-टाइम काम भी किया ताकि वे अपने सपनों को पूरा कर सकें।  उन्होंने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर पैसे बचाए और उस बचत किए हुए रुपयों से एक पी सी खरीदा जो सेकंड हैंड था , शुरुआत में जब उन्होंने Minecraft से संबंधित अपने यू ट्यूब चैनल को लॉन्च किया तो कोई खास कामयाबी नहीं मिली इसलिए उन्होंने उसे छोड़कर कुछ दिन दिल्ली में चार पांच छोटी मोटी नौकरियां किया।उनके मजाकिया अंदाज और शुद्ध 'पहाड़ी' लहजे ने धीरे-धीरे लोगों का दिल जीतना शुरू कर दिया।

यूट्यूब करियर और सफलता

​उनकी असली पहचान Minecraft गेमिंग सीरीज से हुई। 'GamerFleet' चैनल पर उनकी कमेंट्री और कहानी सुनाने का तरीका इतना अनूठा था कि वे रातों-रात मशहूर हो गए।

  • विविधता: वे केवल गेमिंग तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने व्लॉगिंग और सर्वाइवल चैलेंज वीडियो भी बनाए।
  • सहयोग: उन्होंने ट्रिगर्ड इंसान और मिथपैट जैसे बड़े यूट्यूबर्स के साथ काम किया, जिससे उनकी लोकप्रियता और बढ़ी।
अंशु बिष्ट का  गेमिंग के अलावा दूसरा ब्लॉगिंग का चैनल भी है इसमें वह पर्सनल लाइफ ट्रैवलिंग जैसे वीडियो बनाए हैं जिसमें वो अक्सर अपने माता पिता और बहन के साथ दिखाई देते हैं।ये चैनल का नाम अंशु बिष्ट ही हैं।

​अंशु बिष्ट, जिन्हें दुनिया GamerFleet के नाम से जानती है, आज भारत के सबसे सफल गेमिंग क्रिएटर्स और व्लॉगर्स में से एक हैं। उनकी कहानी एक साधारण लड़के की असाधारण मेहनत की मिसाल है।

1. माइनक्राफ्ट और गेमिंग जगत में पहचान

​भारत में Minecraft गेम को एक नई ऊंचाइयों पर ले जाने का श्रेय काफी हद तक अंशु को जाता है। उन्होंने ट्रिगर इंसान (निश्चय मल्हाण), रॉनी (RawKnee), और मिथपैट जैसे बड़े यूट्यूबर्स के साथ मिलकर काम किया है। उनकी "Herobrine SMP" और सर्वाइवल सीरीज ने गेमिंग समुदाय में जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की।

2. प्रमुख उपलब्धियां (Achievements)

  • 7 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स: उनके मुख्य चैनलों को मिलाकर 10 मिलियन से भी अधिक फॉलोअर्स हैं।
  • गेमर ऑफ द ईयर: उन्हें लगातार दो वर्षों तक "गेमर ऑफ द ईयर" के सम्मान से नवाजा जा चुका है।
  • TEDx स्पीकर: अंशु ने BITS गोवा और SSCBS जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर युवाओं को अपनी कहानी से प्रेरित किया है।
  • पीएम मोदी से मुलाकात: हाल ही में उन्हें उन चुनिंदा गेमर्स में चुना गया जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर भारत में गेमिंग के भविष्य पर चर्चा की।

3. निजी जीवन और स्वभाव

​अंशु अपने विनम्र (Humble) स्वभाव के लिए मशहूर हैं। वह अक्सर अपने व्लॉग्स में अपने माता-पिता और भाई-बहनों को दिखाते हैं। अपने पिता के संघर्ष के दिनों से लेकर उन्हें Porsche कार गिफ्ट करने तक का उनका सफर बेहद भावुक और प्रेरणादायक रहा है।इतनी बड़ी सफलता के बाद भी वे अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं और अक्सर अपने वीडियो में अपने परिवार और उत्तराखंड की संस्कृति का जिक्र करते हैं। वे आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो छोटे शहरों से निकलकर डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।

अंशु बिष्ट का नया "हाई-टेक" घर और कमाई

​अंशु ने हाल ही में अपना एक भव्य और आधुनिक घर बनाया है, जिसका 'होम टूर' वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।

  • संघर्षपूर्ण अतीत: अंशु का बचपन काफी तंगी में बीता। उनके पिता एक बस कंडक्टर थे। एक समय ऐसा भी था जब कॉलेज की फीस भरने के लिए उन्हें ट्यूशन पढ़ाना पड़ता था।
  • डिजिटल आशियाना: उनका नया घर पूरी तरह से "हाई-टेक" है। यहाँ के पर्दे और लाइटें केवल आवाज (Voice Command) से नियंत्रित होती हैं।
  • खास डाइनिंग टेबल: उनके घर में ब्राजील से मंगाया गया एक विशेष पत्थर वाला डाइनिंग टेबल है, जिसमें इन-बिल्ट लाइटिंग की सुविधा है।
  • अनुमानित कमाई: रिपोर्ट्स के अनुसार, अंशु यूट्यूब से हर महीने लगभग 13 से 20 लाख रुपये ($16,000 - $25,000) कमाते हैं। इसके अलावा ब्रांड प्रमोशन और गेमिंग से भी उनकी अच्छी आय होती है।

निष्कर्ष

​अंशु बिष्ट की कहानी सिखाती है कि यदि आपके पास निरंतरता (Consistency) और अटूट मेहनत का जज्बा है, तो आप एक छोटे से शहर से निकलकर पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना सकते हैं।


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