Sudarshan Shetty Instalation Artist Biography। सुदर्शन शेट्टी इंस्टॉलेशन आर्टिस्ट





 Sudarshan Shetty Instalation Artist Biography। सुदर्शन शेट्टी इंस्टॉलेशन आर्टिस्ट 

1. प्रारंभिक जीवन और शिक्षा (Early Life & Education)

  • जन्म: सुदर्शन शेट्टी का जन्म 1961 में मंगलौर, कर्नाटक में हुआ था।
  • शिक्षा: उन्होंने अपनी कला शिक्षा मुंबई के प्रसिद्ध सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट (Sir J.J. School of Art) से प्राप्त की। 1985 में उन्होंने 'पेंटिंग' में अपनी डिग्री पूरी की।
  • कलात्मक बदलाव: हालाँकि उन्होंने अपनी शुरुआत एक चित्रकार (Painter) के रूप में की थी, लेकिन 90 के दशक के मध्य तक वे पूरी तरह से स्थापना कला (Installation Art) और बहु-आयामी मूर्तिकला (Sculpture) की ओर मुड़ गए।

2. कला की शैली और माध्यम (Artistic Style & Medium)

​सुदर्शन शेट्टी को 'कांसेप्चुअल आर्टिस्ट' (Conceptual Artist) माना जाता है। उनकी कला की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • काइनेटिक कला (Kinetic Art): वे अपनी मूर्तियों में मशीनों और मोटरों का प्रयोग करते हैं जिससे उनकी कलाकृतियां हिलती-डुलती या कोई क्रिया करती नजर आती हैं।
  • रोज़मर्रा की वस्तुएं: वे बाल्टी, मेज, कुर्सी, बर्तन, जूते और पुरानी कारों जैसी साधारण चीजों का इस्तेमाल कर उन्हें एक नया दार्शनिक अर्थ देते हैं।
  • थीम: उनकी कला अक्सर 'जीवन और मृत्यु', 'अस्तित्व', 'समय का बीतना' और 'स्मृति' (Memory) जैसे विषयों पर आधारित होती है।

3. प्रसिद्ध कलाकृतियां और पेंटिंग्स (Famous Works & Paintings)

​सुदर्शन शेट्टी केवल कैनवास तक सीमित नहीं रहे, उन्होंने विशालकाय संरचनाएं बनाई हैं:

  • Flying Bus (फ्लाइंग बस): यह मुंबई के 'मेकर मैक्सिटी' में स्थित एक विशाल स्टेनलेस स्टील की बस है जिसके दो पंख हैं। यह उनकी सबसे चर्चित सार्वजनिक कलाकृतियों में से एक है। फ्लाइंग बस को भारत के सबसे प्रमुख सार्वजनिक कला परियोजनाओं में महत्वपूर्ण माना जाता हैं।यह कृति दर्शाती है आप्रवासन ( immigration)को ।  इस कृति में के ऊपर एक पट्टिका में ये लिखा है कि "  कभी कभी जब हम यात्रा करते है तो हम भूल जाते हैं कि हम कौन हैं" यानी बसों में ट्रेन में यात्रा करते वक्त हम जीवन के कुछ अनछुए अनसुलझे प्रश्नों को मन में दोहराते है और एक दार्शनिक चिंतन में यात्रा करते रहते हैं।
  • Love (लव): इस इंस्टालेशन में उन्होंने एक डाइनोसॉर के कंकाल को एक जगुआर कार के साथ जोड़ा है, जो उपभोक्तावाद और विनाश के बीच के संबंध को दर्शाता है।
  • Shoonya Ghar (शून्य घर): यह कला और कविता का एक अद्भुत मिश्रण है, जिसमें लकड़ी की बड़ी-बड़ी संरचनाओं के माध्यम से उन्होंने एक घर के भीतर के एकांत और शून्य को दिखाया है।
  • द पीसेस अर्थ टूक अवे, 2012 (The pieces earth took away)

    सुदर्शन शेट्टी ने इस कृति में परंपरा की अवधारणा को केंद्र में रखा है। उन्होंने इसे अपने विशिष्ट कलात्मक विषयों (कल्पना और बनावटीपन) के साथ जोड़कर शोक की क्रिया पर एक पांच-भागों वाली स्थापना (Installation) तैयार की है।

    • मुख्य संदर्भ: यह कार्य हिंदू रीति-रिवाजों में मृत्यु के बाद के 13 दिनों के शोक को दर्शाता है।
    • दार्शनिक पक्ष: यह 'पुनर्जन्म के शाश्वत चक्र' और 'घरेलू अनुभव की क्षणभंगुरता' के बीच के गहरे अंतर को उजागर करता है।

    पाथ टू वॉटर, 2013 (Path to Water)

    ​आर्ट बेसल के 'आर्ट फीचर सेक्शन' में 'गैलरीस्के' (GALLERYSKE) द्वारा प्रस्तुत इस कृति में जंगल में दो हाथियों को दर्शाने वाली पाँच नक्काशीदार राहत आकृतियाँ शामिल हैं।

    • काव्यात्मक जुड़ाव: प्रत्येक आकृति पर 12वीं/13वीं शताब्दी के प्रसिद्ध सूफी संत और संगीतकार अमीर खुसरो की प्रसिद्ध कविता की पंक्ति "बहुत कठिन है डगर पनघट की" अंकित है।
    • कलात्मक उद्देश्य: यह कार्य पुरातत्व कलाकृतियों में छिपे अर्थों की अस्पष्टता और भाषा की अनिश्चितता की खोज करता है।

    पेंटिंग शैली (Painting Style)

    ​सुदर्शन शेट्टी की कला यात्रा के शुरुआती दौर में उनकी शैली यथार्थवादी (Realistic) और अमूर्त कला (Abstract Art) का एक अनूठा मिश्रण थी। उनके चित्रों में अक्सर इंसानी शरीर और मशीनी पुर्जों का मेल देखने को मिलता था।

एकल प्रदर्शनियाँ (Solo Exhibitions)

  • 2018: शून्य घर (Shoonya Ghar), आर्ट बेसल, स्विट्जरलैंड।
  • 2017: शून्य घर, अल सरकल, दुबई और डॉ. भाऊ दाजी लाड संग्रहालय, मुंबई।
  • 2016: शून्य घर, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (NGMA), नई दिल्ली।
  • 2015: 'मिमिक मोमेंटो' (ब्रसेल्स) और 'हु मस्ट राइट दीज़ लाइन्स' (बेंगलुरु)।
  • 2014: 'एवरी ब्रोकेन मोमेंट, पीस बाई पीस', नई दिल्ली।
  • 2012: 'द पीसेस अर्थ टूक अवे', वियना।
  • 2011: 'लिसन आउटसाइड दिस हाउस' (बेंगलुरु) और 'बिटवीन द टीकप एंड अ सिंकिंग कॉन्स्टेलेशन' (पेरिस)।
  • 2010: 'दिस टू शैल पास' (मुंबई) और 'द मोर आई डाई द लाइटर आई गेट' (न्यूयॉर्क)।
  • 2009: 'अनटाइटल्ड' (पेरिस) और 'सिक्स ड्रॉप्स' (बेंगलुरु)।
  • 2008: 'लीविंग होम' (वियना) और 'सेविंग स्किन' (न्यूयॉर्क)।
  • 2006: 'लव' (मुंबई)।
  • 2005: 'एट कॉर्नर्स ऑफ द वर्ल्ड' (बेंगलुरु), 'शिफ्ट' (मुंबई) और 'पार्टी इज एल्सवेयर' (मुंबई)।
  • 2004: 'स्टैटिक्स', मुंबई।
  • 2003: 'कॉन्संगुइनिटी' (Consanguinity), नई दिल्ली।
  • 2001: 'फॉर हियर और टू गो', फुकुओका एशियन आर्ट म्यूजियम, जापान।
  • 2000: 'लोन बोट रिवर सॉन्ग', ब्रिस्टल।
  • 1996: पेंटिंग्स, मैक्स मूलर भवन, मुंबई।
  • 1995: 'पेपर मून', मुंबई और नई दिल्ली।
  • 1991: 'स्पिरिट ऑफ इंडिया', रॉटरडैम, नीदरलैंड

4. प्रमुख प्रदर्शनियाँ और सम्मान (Exhibitions & Achievements)

  • कोच्चि-मुज़िरिस बिनाले (Kochi-Muziris Biennale): सुदर्शन शेट्टी को 2016 के कोच्चि-मुज़िरिस बिनाले का क्यूरेटर नियुक्त किया गया था, जो किसी भी भारतीय कलाकार के लिए बहुत गर्व की बात है।
  • अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी: उनकी कलाकृतियां लंदन के टैट मॉडर्न (Tate Modern), न्यूयॉर्क के गुगेनहाइम म्यूजियम और पेरिस के 'सेंटर पॉम्पीडू' जैसे बड़े संग्रहालयों में प्रदर्शित की जा चुकी हैं।
  • पुरस्कार: उन्हें उनकी मौलिक सोच के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

5. टीजीटी/पीजीपी (TGT/PGT) परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

​यदि आप इन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो इन बिंदुओं को रट लें:

  1. माध्यम: वे मुख्य रूप से 'मिक्स्ड मीडिया' (Mixed Media) और 'इंस्टालेशन' के लिए जाने जाते हैं।
  2. स्थान: वे वर्तमान में मुंबई में रहकर काम करते हैं।
  3. प्रश्न का प्रकार: अक्सर पूछा जाता है "फ्लाइंग बस किसकी कृति है?" या "2016 कोच्चि बिनाले के क्यूरेटर कौन थे?" - उत्तर: सुदर्शन शेट्टी
  4. पहचान: उन्हें भारत का 'समकालीन मूर्तिकार' (Contemporary Sculptor) कहा जाता है।
अब देखतें हैं कि TGT PGT NET में कौन कौन से प्रश्न आते हैं।इस चैप्टर से।

1. कोच्चि-मुज़िरिस बिनाले (Kochi-Muziris Biennale)

​यह सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न है जो अक्सर NET और PGT में आता है।

  • प्रश्न: सुदर्शन शेट्टी किस वर्ष 'कोच्चि-मुज़िरिस बिनाले' के क्यूरेटर (Curator) थे?
  • उत्तर: 2016 (तीसरे संस्करण के लिए)।

​2. कला की श्रेणी (Genre of Art)

  • प्रश्न: सुदर्शन शेट्टी को मुख्य रूप से किस रूप में जाना जाता है?
  • उत्तर: कन्सेप्चुअल आर्टिस्ट और इंस्टॉलेशन आर्टिस्ट (Conceptual and Installation Artist)। वे मूर्तिकार भी हैं, लेकिन उनकी पहचान उनके बड़े और गतिशील (Kinetic) इंस्टॉलेशन से है।

​3. प्रसिद्ध कार्य और इंस्टॉलेशन

​परीक्षाओं में अक्सर उनके प्रसिद्ध कार्यों के नाम देकर कलाकार का नाम पूछा जाता है:

  • "Flying Bus" (फ्लाइंग बस): यह उनका एक बहुत ही चर्चित काम है। यह स्टेनलेस स्टील से बनी एक बस है जिसमें पंख लगे हैं। यह मुंबई के मेकर मैक्सिटी (Maker Maxity) में स्थित है।
  • "Shoe Licker": यह उनके शुरुआती प्रसिद्ध कार्यों में से एक है।

​4. कला की विशेषता (Key Themes)

  • प्रश्न: सुदर्शन शेट्टी की कला में किन वस्तुओं का अधिक प्रयोग मिलता है?
  • उत्तर: वे रोजमर्रा की वस्तुओं (Ready-made objects) जैसे बर्तन, जूते, फर्नीचर और पुरानी लकड़ी का उपयोग करके उन्हें एक नया और दार्शनिक अर्थ देते हैं। उनकी कला में 'गति' (Movement) और 'मृत्यु/अस्थिरता' (Absence/Transience) के विषय प्रमुख होते हैं।

निष्कर्ष:

सुदर्शन शेट्टी की कला केवल देखने के लिए नहीं, बल्कि सोचने के लिए मजबूर करती है। वे पुरानी और बेकार वस्तुओं में जान फूंकने की कला में माहिर हैं। 

रामकुमार आर्टिस्ट की जीवनी

विकिपीडिया में सुदर्शन शेट्टी अंग्रेजी में

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