Aneesh kapoor आर्टिस्ट की जीवनी

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  अनीश कपूर का जन्म 12 मार्च 1954 को मुम्बई में हुआ था ,उनके पिता एक  इण्डियन पंजाबी हिन्दू थे ,उनकी माता यहूदी परिवार से थे ,अनीश कपूर के नाना पुणे के यहूदी मंदिर जिसे सिनेगॉग कहते है के एक कैंटर थे।  (अनीश कपूर)         इनके पिता भारतीय नौ सेना (NEVY)मैं जल वैज्ञानिक (Hydrographer) थे,अनीश कपूर के एक भाई टोरंटो कनाडा के यार्क विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर हैं।   अनीश कपूर की शिक्षा-- अनीश कपूर की प्रारंभिक शिक्षा दून स्कूल देहरादून में हुई,प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद सन 1971 में अनीश कपूर  इजराइल चले गए ,वहां पर उन्होंने इलेक्ट्रिकल  इंजीनियरिंग के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लिया ,परंतु उनकी गणित में अरुचि होने के कारण छै महीने बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ दिया,तब उन्होंने एक आर्टिस्ट बनने का निश्चय किया।वह इंग्लैंड गए यहां पर होर्नसे कॉलेज ऑफ आर्ट में एडमिशन लिया और चेल्सिया स्कूल ऑफ आर्ट एंड डिज़ाइन में कला का अध्ययन किया। अनीश कपूर की  महत्वपूर्ण संरचनाये और स्कल्पचर- - अनीश कपूर ने  1979-1980 में 1000 Names नामक  इंस्टालेशन बनाये आपने ये स्कल्पचर और संरचनाओं  में अमूर्

ISI का full form क्या होता है।

ISI का full form होता है
Indian Standard Institute
या हिंदी में इसका नाम है-
"भारत मानक संस्थान"
 ISI mark क्या है?
आई एस आई मार्क लगा हुआ हम जब किसी प्रोडक्ट में देखतें हैं तो झट से विश्वास हो जाता है की सही है
या फिर किसी चीज को खरीदते समय हम उसे उलट पलट कर I S I मार्क देखते है ,पर हर जगह की क्वालिटी के लिए ISI मार्क नही होता जैसे सोने की ज्वेलरी के लिए हाल मार्क होता है , इनके जाँच के लिए अलग  संस्थान हैं ।
  ISI प्रमाणपत्र किसी प्रोडक्ट को तभी मिलता है जब वो एक निश्चित मानकों पर खरा उतरता है इसके लिए भारतीय मानक संस्थान हर चीज के लिए कुछ निश्चित मानक निर्धारित करता है उन हर मानको को परखने के लिए उस प्रोडक्ट के प्रयोगशाला में जाँच की जाती है जो कई चरण में होती है  यदि वो जांचोपरांत सभी स्टैण्डर्ड(मानक)में खरा उतरता है तब उस प्रोडक्ट में ISI की मोहर लगाने तथा उसका क्रमांक दर्शाने क अनुमति मिलती है । इसके लिए निर्माता से जाँच के बाद भी संपर्क रखा जाता है।
     बिना ISI के प्रमाणन के  वस्तु की गुणवत्ता में कुछ कमी बरकरार रहती है और आम जन के बीच उसकी बिक्री भी कम हो पाती है।

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