मंगली (सत्यवती राठौड़) की जीवनी: लोक संगीत से टॉलीवुड तक का सफर

 

प्रस्तावना (Introduction)

​अपनी जादुई आवाज़ और मिट्टी की सोंधी महक वाले लोक गीतों से दक्षिण भारत के करोड़ों दिलों पर राज करने वाली मंगली (सत्यवती राठौड़) अब केवल क्षेत्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं रही हैं। अपनी अनूठी गायकी और पारंपरिक बंजारा संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने के बाद, उन्होंने बॉलीवुड के गलियारों में भी अपनी धमक बढ़ा दी है।

​हाल ही में मंगली ने हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त की फिल्म 'घुड़चढ़ी' के सुपरहिट गाने "दिलबर" (Dilbar) को अपनी आवाज़ देकर हिंदी श्रोताओं को भी अपना दीवाना बना लिया है। एक साधारण गांव से निकलकर बॉलीवुड के 'संजू बाबा' की फिल्म तक का यह सफर उनके असाधारण संघर्ष और कला के प्रति अटूट समर्पण की कहानी है। आइए, विस्तार से जानते हैं कि कैसे एक टीवी एंकर से शुरू हुआ यह सफर आज भारतीय संगीत जगत का एक सुनहरा अध्याय बन चुका है।

मंगली (सत्यवती राठौड़) का संपूर्ण जीवन परिचय

प्रारंभिक जीवन और संघर्ष

मंगली का जन्म 10 जून 1994 को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के एक साधारण बंजारा परिवार में हुआ था। उनका असली नाम सत्यवती राठौड़ है। बचपन से ही संगीत के प्रति अटूट प्रेम होने के कारण, उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय से कर्नाटक संगीत में डिप्लोमा प्राप्त किया। एक छोटे से गांव से निकलकर संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन उनकी अनूठी आवाज और लोक संस्कृति के प्रति लगाव ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।।

भारतीय लोक और पार्श्व गायिका मंगली उर्फ सत्यवती राठौड़ का पोर्ट्रेट

मंगली (सत्यवती राठौड़): लोक संगीत से सिल्वर स्क्रीन तक का सफर

मंगली, यानी सत्यवती राठौड़ , आज भारतीय संगीत जगत, विशेषकर तेलुगु भाषी क्षेत्रों में एक जाना-माना नाम हैं। उनका करियर लोक कला, पत्रकारिता और पार्श्व गायन (प्लेबैक सिंगिंग) का एक अद्भुत संगम है।

कैरियर की शुरुआत और पहचान

​मंगली के पेशेवर सफर की वास्तविक शुरुआत 2013 में हुई। उन्हें तेलुगु समाचार चैनल V6 न्यूज द्वारा दशहरा उत्सव के विशेष कार्यक्रम 'धूम धाम' में एक अतिथि कलाकार के रूप में आमंत्रित किया गया था। यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।

​इसके बाद, उन्होंने V6 न्यूज के बेहद लोकप्रिय व्यंग्यात्मक समाचार शो 'तीनमार वारतालु' में 'मातकारी मंगली' की भूमिका निभाई।एक एंकर  और गायिका का के रूप में काम किया ,इस शो में बिथिरी सथी और सावित्री के साथ उनकी जुगलबंदी ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।उन्होंने अपनी पारंपरिक लम्बाडी (बंजारा) वेशभूषा और स्थानीय बोली के माध्यम से दर्शकों का दिल जीत लिया ,साल 2017 के 'बतुकम्मा' (तेलंगाना का प्रसिद्ध लोक उत्सव) गानों ने उन्हें घर-घर में प्रसिद्ध कर दिया।

 बाद में, उन्होंने HMTV के शो 'जोरदार न्यूज' में सुजाता के साथ भी काम किया, जहाँ उनके अनूठे अंदाज को दर्शकों ने खूब सराहा।

सांस्कृतिक योगदान और लोक गीत

​मंगली की आवाज तेलंगाना की संस्कृति और मिट्टी से जुड़ी हुई है। वे विशेष रूप से तेलंगाना के प्रमुख त्योहारों जैसे बथुकम्मा, बोनालू और तेलंगाना स्थापना दिवस पर गीत गाने के लिए प्रसिद्ध हैं।

  • 2018 में तेलंगाना स्थापना दिवस के अवसर पर उनका गीत 'ओरुगल्लू कोटनडुगु' (Orugallu Kotanadugu) एक बड़ा हिट साबित हुआ।
  • ​उनकी विशेषता यह है कि वे पारंपरिक लोक धुनों को आधुनिक संगीत के साथ इस तरह पिरोती हैं कि वह हर पीढ़ी को पसंद आता है।

टॉलीवुड और 'सारंगा दरिया' का जादू

​फिल्मी दुनिया (टॉलीवुड) में भी मंगली ने अपनी गायकी का लोहा मनवाया है। उन्होंने 'सप्तगिरी एक्सप्रेस', 'राज महल' और 'नीधि नादी ओका कथा' जैसी फिल्मों में गाने गाए। उनके करियर के कुछ सबसे बड़े मील के पत्थर निम्नलिखित हैं:

  1. रामुलू रामुला (2020): फिल्म 'अला वैकुंठपुरमुलु' के इस गाने ने इंटरनेट पर धूम मचा दी थी।
  2. सारंगा दरिया (2021): फिल्म 'लव स्टोरी' के इस गीत ने मंगली को वैश्विक स्तर पर लोकप्रियता दिलाई। इस गाने ने यूट्यूब पर व्यूज के कई रिकॉर्ड तोड़े।

अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां

  • टेलीविजन: फरवरी 2018 में, उन्होंने लक्ष्मी मंचू द्वारा होस्ट किए गए लोकप्रिय शो 'महारानी' में एक प्रतियोगी के रूप में हिस्सा लिया।
  • विविधता: मंगली केवल एक गायिका ही नहीं, बल्कि एक कुशल एंकर और कलाकार भी हैं। वे अक्सर सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय गौरव को अपने गीतों के माध्यम से व्यक्त करती हैं।

फिल्मी दुनिया में कदम और सुपरहिट गाने

पार्श्व गायन (Playback Singing) में उनका सफर तब ऊंचाई पर पहुँचा जब उन्होंने सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की फिल्म 'अला वैकुंठपुरमुलु' के लिए "रामुलो रामुला" गाना गाया। इसके बाद 'लव स्टोरी' फिल्म का "सारंगा दरिया" और 'सीटीमार' का "ज्वाला रेड्डी" जैसे गानों ने यूट्यूब पर करोड़ों व्यूज बटोरकर उन्हें दक्षिण भारत की सबसे महंगी और मांग वाली गायिकाओं में शुमार कर दिया।

निष्कर्ष (Conclusion)

​मंगली (सत्यवती राठौड़) की जीवन यात्रा उन सभी के लिए एक प्रेरणा है जो अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहकर सफलता के शिखर को छूना चाहते हैं। एक साधारण बंजारा परिवार से निकलकर दक्षिण भारतीय फिल्म जगत की सबसे मांग वाली पार्श्व गायिकाओं में से एक बनना, उनकी कड़ी मेहनत और अद्वितीय प्रतिभा का प्रमाण है।

​उन्होंने न केवल लोक संगीत (Folk Music) को आधुनिक पहचान दी, बल्कि अपनी आवाज़ के माध्यम से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को घर-घर तक पहुँचाया। 'तीनमार वारतालु' की एंकरिंग से लेकर 'सारंगा दरिया' की वैश्विक सफलता तक, मंगली ने यह साबित कर दिया है कि यदि कला में ईमानदारी और मिट्टी की सोंधी खुशबू हो, तो वह सीमाओं को पार कर करोड़ों दिलों को जीत सकती है। आज वे केवल एक गायिका नहीं, बल्कि क्षेत्रीय गौरव और महिला सशक्तिकरण का एक जीवंत प्रतीक हैं।

लोग अक्सर यह जानना चाहते हैं (FAQs)

  • मंगली की बहन कौन है? मंगली की छोटी बहन इंद्रावती चौहान हैं, जो फिल्म 'पुष्पा' के मशहूर गाने 'ऊ अंतवा' को अपनी आवाज देने के लिए जानी जाती हैं।
  • क्या मंगली केवल तेलुगु में गाती हैं? नहीं, मंगली ने तेलुगु के अलावा कन्नड़ और अन्य दक्षिण भारतीय भाषाओं में भी कई हिट गाने दिए हैं। वे वर्तमान में कन्नड़ फिल्म 'KD' के गानों के लिए भी चर्चा में हैं।
  • मंगली की सफलता का राज क्या है? उनकी सफलता का मुख्य कारण आधुनिक संगीत के साथ पारंपरिक लोक संगीत (Folk Music) का बेहतरीन तालमेल है। वह अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़ी रहती हैं, जो दर्शकों को बहुत पसंद आता है।
  • क्या मंगली ने अभिनय भी किया है? जी हाँ, मंगली ने 'स्वराज्यम' जैसी कुछ फिल्मों में अभिनय भी किया है और वे कई रियलिटी शो में जज के रूप में भी नजर आती हैं।

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