Samsung M-12 phone review

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  Samsung M-12 phone review-- https://amzn.to/3IrqUdm Features & details 48MP+5MP+2MP+2MP Quad camera setup- True 48MP (F 2.0) main camera + 5MP (F2.2) Ultra wide camera+ 2MP (F2.4) depth camera + 2MP (2.4) Macro Camera| 8MP (F2.2) front came 6000mAH lithium-ion battery, 1 year manufacturer warranty for device and 6 months manufacturer warranty for in-box accessories including batteries from the date of purchase Android 11, v11.0 operating system,One UI 3.1, with 8nm Power Efficient Exynos850 (Octa Core 2.0GH 16.55 centimeters (6.5-inch) HD+ TFT LCD - infinity v-cut display,90Hz screen refresh rate, HD+ resolution with 720 x 1600 pixels resolution, 269 PPI with 16M color Memory, Storage & SIM: 4GB RAM | 64GB internal memory expandable up to 1TB| Dual SIM (nano+nano) dual-standby  Product information OS ‎Android 11 RAM ‎4 GB Product Dimensions ‎1 x 7.6 x 16.4 cm; 221 Grams Batteries ‎1 Lithium ion batteries required. (included) Item model number ‎Galaxy M12 Wireless communicatio

Ek पेड़ (Tree)Se Kitni Oxygen Nikalti Hai?

एक पेड़ से कितनी ऑक्सीजन प्राप्त होती है?

How Much Oxygen Does a Tree Release?
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             पेंड़ से ऑक्सीजन निर्माण (Oxygen Production From The Tree)

पेंड़ हमें ऑक्सीजन देतें हैं और हमारी साँस से छोड़ी गई कार्बन डाई ऑक्साइड को लेतें है ये बात हम बचपन से पढ़तें आ रहे है, वर्तमान समय में अत्यधिक वाहनों के चलने और उद्योगों की स्थापना से लगातार वातावरण में CO2 का स्राव हो रहा है ,जिसके प्रदूषण से मानव में अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, जैसे  साँस के रोग बढ़ रहे हैं, अब लोंगों को लग रहा है कि उनको अधिक से अधिक पेंड़ लगाना चाहिए इन रोंगो से बचने के लिए।
                       आख़िर पेंड़ ऑक्सीजन कैसे बनाते है,और कार्बन डाई ऑक्साइड क्यों लेते है ? क्या प्रकृति ने ये व्यवस्था  मानव जाति,और जीवों के लिए किया है,ऐसे प्रश्न उठतें हैं! पेंड़ में पत्तियां होती हैं ,इन पत्तियों की त्वचा में  छोटे छोटे छिद्र होतें है जिन्हें स्टोमेटा (रंध्र)कहते है,ये पत्ती के निचले सतह में होते है,इन छिद्रों में C O 2 गैस वातावरण से प्रवेश करती है, पौधे इनका प्रयोग श्वसन में में करते हैं  दूसरी तरफ पौधे की जड़ें ज़मीन से पानी ओसमोसिस विधि द्वारा लेतीं है और नलिकाओं के माध्यम से पत्तियों तक पानी पहुँचता है यहां पर कार्बन डाई ऑक्साइड का जल से क्रिया प्रकाश और क्लोरोफिल की उपस्थिति में होता है, क्लोरोफ़िल मैग्नीशियम और कार्बन,ऑक्सीजन से मिलकर बनता है जो क्लोरोप्लास्ट में पाया जाता है,क्लोरोप्लास्ट या हरित लावक पत्तियों की ऊपरी त्वचा के पतली झिल्ली के ठीक नीचे सघन जाल में फैला होता है,इसी  श्वसन क्रिया में पौधे भोजन निर्माण भी करतें हैं,पेंड़ भोजन ग्लूकोज़ के रूप में बनाते हैं इस क्रिया में co2 और H2o, के बीच क्रिया (रिएक्शन) होता है तब एक Product ग्लूकोस और  दूसरा Product ऑक्सीजन बनता है,यही बनने वाली ऑक्सीजन रंध्र से  निकलकर  वातावरण में फ़ैल जाती है ग्लूकोस बनाने के लिए कार्बन डाई ऑक्साइड को वातावरण से लेते हैं,यह पौधे इस उपापचय की क्रिया में ऑक्सीजन का प्रयोग करतें हैं,ऐसा नही है की पौधे या पेंड़ सिर्फ कार्बन डाई ऑक्साइड को ही लेतें है ये ऑक्सीजन भी लेतें है पर 24 घंटे में सिर्फ 5 से 8 घंटे तक अलग अलग पेंड़ो में ये समय बदल जाता है, यानी 16 घण्टे क़रीब ये co2 ही लेते है,जब भोजन निर्माण सूर्य के  प्रकाश में करेंगे तब co2 ग्रहण करेंगे और ऑक्सीजन छोड़ेंगे।
              एक ग्लूकोज़ के अणु को बनाने में  छः co2 के अणु का प्रयोग होता है और छः ऑक्सीजन के अणु  उत्सर्जित होतें है।

         मानव कितनी ऑक्सीजन लेता है

 (How Much Oxygen Does a Human Take In)

एक मानव को एक साल में 9.5 टन हवा की जरुरत होती है श्वसन् प्रक्रिया में,परंतु एक गहरी साँस में पूरी हवा का ,ऑक्सीजन का हिस्सा मात्र 23% ही होता है जो ,साल में मनुष्य लगभग 840 किलोग्राम ऑक्सीजन लेता है ,जो  एक पीपल के पेंड़ से निकली ऑक्सीजन के बराबर होती है। पीपल का पेंड़ जिसे हिन्दू संस्कृति में सबसे पवित्र बृक्ष माना गया है,उस बृक्ष से 22 घंटे तक अनवरत ऑक्सीजन निकलती है,वहीं बरगद,नीम,तुलसी से 22 घंटे तक ऑक्सीजन निकलती है ।
                   एक पुराना वयस्क पेंड़ 24 घण्टे में 250 लीटर ऑक्सीजन रिलीज़ करता है , जो दो वयस्क के लिए  और एक बच्चे के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है,क्योंकि दो वयस्क और एक बच्चे को 24 घंटे में सिर्फ 230 लीटर ऑक्सीजन की जर्रूरत पड़ती है। जीरो  डिग्री सेंटीग्रेट में एक लीटर ऑक्सीजन का भार 1.129 ग्राम होता है।
         घरों के अंदर भी कुछ पौधों को लगा सकतें है जो हवा को साफ़ करतें है, कानपुर IIT के रिसर्च से ये मालूम हुआ है कि "एरिका पाम "नामक पौधा हवा में पाई  जाने वाली कॉर्बन मोनो ऑक्साइड को सोंख लेता है, मदर इन ला टंग प्लांट जिसे स्नेक प्लांट भी कहते है इस तीन फिट के पेंड़ से हवा काफी  शुद्ध हो जाती है,इसी तरह मनी प्लांट हवा के केमिकल टॉक्सिन को शुद्ध करता है और ऑक्सीजन देता है।

               
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      पीपल 24 घंटे ऑक्सीजन निकालता है पर कैसे?

How peepal extracts oxygen for 24 hours?

         पीपल का पेंड़ अधिपादप या Epiphyte बृक्ष है ,अधिपादप वो बृक्ष होते हैं ,जो दूसरे बृक्ष के तनों में बीज गिरने से रोपित हो जाते है , कुछ पौधे तो पूर्णतयः इस प्रकार के होते है कि वो दुसरे पौधे के ऊपर ही प्रसार करते है उनका मिट्टी में प्रसार संभव नही है ,परंतु पीपल बृक्ष के बीज मिट्टी में भी अंकुरित होकर बृक्ष बन जाते है यानी पीपल एक अर्ध अधिपादप(Hemi Epiphytic) पेंड़ होता है । इन अधिपादप पौधों और रेगिस्तानी पौधों के पत्तियों के निचली सतह पर पाये जाने वाले रंध्र(Stomata) दिन में अधिक गर्मी होने के कारण ज्यादा खुलते नही है क्योंकि इनको पानी बचाना होता है , क्योंकि रंध्र से यदि  Co2  ग्रहण भी करते है तो उसी रंध्र से नमी  या  वाष्प निकल  सकती है । इसलिए अधिपादप पौधे जो दुसरे पर आस्रित रहते है उनमे भी जड़ विकसित नही होने के कारण पानी बचाकर रखते है । 
 ये पौधे एक विशेष तत्व के रूप में दिन में Co2 के रूप में लेते है और रात में इसी  संचित तत्व के  विघटन की प्रक्रिया से ऑक्सीजन छोड़ते है ।
                       पीपल के पेंड़ जो अधिपादप यानि  दूसरे पेंड़ पर बड़े होते है वही 24 घंटे ऑक्सीजन छोड़ते है ,नही तो मिट्टी(Soil) में पनपने वाले पौधे दिन के समय ही ऑक्सीजन छोड़ते है।
      
    कृपया इस पोस्ट को भी पढ़ें      
 

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