Posts

Squat व्यायाम क्या है,SQUAT पांच फ़ायदे।

Image
 SQUAT व्यायाम क्या है -  आप squat व्यायाम से शरीर को फिट रख सकतें हैं वैसे तो शरीर को फिट रखने के लिए बहुत सी exercise करते है , जो आपको चुस्त दुरुस्त रखतीं है, आपकी मसल्स को मजबूती प्रदान करता है ,परंतु सारी एक्सरसाइज के बाद भी आपने अपने दैनिक अभ्यास में squat को सम्मिलित नहीं किया तो आप बहुत कुछ छोड़ रहे हैं। इसके लिए जरूरी है कि आप आज से ही sqaut को अपने रोज के एक्सरसाइज में सम्मिलित करें । यह अभ्यास महिला और पुरुष दोनों के लिए फायदेमंद है। इस एक्सरसाइज में प्रारम्भ में आपको समस्या आ सकती है परंतु धीरे धीरे रोज़ाना अभ्यास से ये बहुत सरल लगने लगता है। प्रारम्भ में आप इसको करने में किसी चीज का सहारा लेकर कर सकते हैं ,परंतु बाद में आप धीरे धीरे बिना सहारे का अभ्यास कर सकते हैं। इस एक्सरसाइज की विशेषता यह है कि इसे कहीं भी बिना इक्विपमेंट के  भी किया जा सकता है। यह एक्सरसाइज केवल  शरीर के एक भाग को ही मजबूत नही करता बल्कि पूरे शरीर को संतुलित रूप से मजबूत करता है,साधारण तौर पर ऐसा लगता है कि इस एक्सरसाइज से केवल टाँगों(legs)को मज़बूती मिलती है परंतु ऐसी बात नहीं है इस एक्सरसाइज से पूरा शर

परेश मैती आर्टिस्ट की जीवनी हिंदी में।

Image
  परेश मैती आर्टिस्ट की जीवनी हिंदी में। (Biography of paresh maithili artist)     परेश मैती आर्टिस्ट को भारतीय कला क्षेत्र में इन्हें "विलियम टर्नर ऑफ इंडिया " कहा जाता था। आप एक छोटे से करियर के दौरान महान चित्रकारी की है। मेरी के जलरंगों में जलरंगों की पारदर्शी गहराई दिखाई देती है। प्रकृति हमेशा उनके महान परिवेश का हिस्सा रही है ,उन्होंने रेब्रान्त, टर्नर,कास्टेबल,विस्लोहोमर का अनुगमन किया। प्रारंभिक जीवन-- परेश मैती आर्टिस्ट का जन्म 1965 में पश्चिम बंगाल के मेदनीपुर जिले तमलुक में हुआ था। उन्होंने गवर्नमेंट ऑफ फाइन आर्ट कोलकाता से फाइन आर्ट एंड क्राफ्ट की डिग्री प्राप्त की। एम एफ ए कॉलेज ऑफ आर्ट नई दिल्ली से प्राप्त किया। करियर---- परेश मैती ने 81 सोलो प्रदर्शनी अपने 40 साल के करियर में प्रदर्शित किए,प्रारम्भ में उन्होंने प्रकृति चित्रण ही किया परंतु बाद में मानवीय चित्रण किया। उनकी  मुख्य पेंटिंग ग्राफ़िक क्वालिटी की हैं उनकी बनाई गई पेंटिंग का कलेक्शन  ब्रटिश म्यूज़ियम और नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट नई दिल्ली में है। इन्होंने भारत की सबसे लंबी पेंटिंग जिसकी लंबाई 850 फ़ीट ह

श्री हनुमान चालीसा

Image
  श्री हनुमान चालीसा दोहा: श्री गुरु चरण सरोज रज निज मनु मुकुर सुधारि। बरनहु रघुवर विमल जसु जो दायक फलु चारु ।। बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौ पवनकुमार। बलबुद्धि विद्या देहु मोहि हरहु कलेस बिकार।। चौपाई : जय हनुमान ज्ञान गुन सागर जय कपीस तिहुँ लोक उजागर राम दूत अतुलित बल धामा अंजनि पुत्र पवनसुत नामा ॥१॥ महाबीर बिक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी कंचन बरन बिराज सुबेसा कानन कुंडल कुँचित केसा ॥२ ॥ हाथ बज्र अरु ध्वजा बिराजे काँधे मूँज जनेऊ साजे शंकर सुवन केसरी नंदन तेज प्रताप महा जगवंदन ॥३॥ विद्यावान गुनी अति चातुर राम काज करिबे को आतुर प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया राम लखन सीता मनबसिया ॥४॥ सूक्ष्म रूप धरि सियहि दिखावा बिकट रूप धरि लंक जरावा भीम रूप धरि असुर सँहारे रामचंद्र के काज सवाँरे ॥५॥ लाय सजीवन लखन जियाए श्री रघुबीर हरषि उर लाए रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई तुम मम प्रिय भरत-हि सम भाई ॥६॥ सहस बदन तुम्हरो जस गावै अस कहि श्रीपति कंठ लगावै सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा नारद सारद सहित अहीसा ॥७॥ जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते कवि कोविद कहि सके कहाँ ते तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा राम मिलाय राज पद दीन्हा ॥८॥

हड़प्पा या सैन्धव संस्कृति: सम्पूर्ण तथ्य में

Image
हड़प्पा सभ्यता या सैन्धव के सम्पूर्ण तथ्य ----- आज हम पूरी हड़प्पा सभ्यता   को बिंदुवार, तथ्यों से समझने की कोशिश करतें हैं। हड़प्पा संस्कृति का नामकरण हड़प्पा स्थल के कारण हुआ है क्योंकि इस जगह से अत्यधिक पुरातत्व सामग्री प्राप्त हुई है हड़प्पा युगीन कांस्य युगीन सभ्यता है। हड़प्पा सभ्यता का पूरा क्षेत्र फल 1,22,99,600 वर्ग किलोमीटर है। हड़प्पा सभ्यता त्रिभुज के आकार की है। हड़प्पा सभ्यता के अंतर्गत पंजाब सिंधु ,बलूचिस्तान,अफगानिस्तान,कश्मीर,राजस्थान ,गुजरात ,हरियाणा और पश्चिम उत्तरप्रदेश के भाग आते हैं। रेडियो कार्बन विधि से हड़प्पा सभ्यता की तिथि2300-1750 ईसा पूर्व माना जाता है। इस सभ्यता का विकसित काल 2500 से 2200 ईसा पूर्व माना जाता है। सबसे पहले जान मार्शल महोदय ने हड़प्पा सभ्यता को सिंधु सभ्यता का नाम दिया । विद्वान के अनुसार इस सभ्यता के निर्माण में सुमेरियन सभ्यता के लोंगों ने योगदान दिया। मार्टिमन व्हीलर के अनुसार हड़प्पा सभ्यता की प्रेरणा मेसोपोटामिया से प्राप्त हुई। अमलानंद घोष के अनुसार हड़प्पा सभ्यता के विकास में स्थानीय सोथी संस्कृति का योगदान था। राखाल दास बनर्जी के अनुसार इस सभ्यत

समीर मंडल आर्टिस्ट की जीवनी

Image
 समीर मंडल Artist की जीवनी समीर मंडल का जन्म 13 मार्च 1952 को पश्चिम बंगाल के नार्थ परगना में हुआ था यह भारत के सबसे प्रतिभावान और सफल वाटर कलर आर्टिस्ट हैं।   समीर मंडल का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा--- इनका विवाह 1980 में मधुमिता से हुआ था मधुमिता से इनका संपर्क स्कूल शिक्षा के दौरान ही हुआ था , विवाह के बाद ये कपल बंगलुरू में शिफ्ट हो गए , फिर आगे मुंबई में शिफ्ट हो गए, इनके दो बच्चे सोमाक और सुहानी है जो इस समय गोरेगांव और मुम्बई में रहते हैं। करियर---  समीर मंडल ने अपना करियर 1980 में प्रारम्भ किया ,1987 में "इलस्ट्रेटेड वीकली ऑफ इंडिया" पत्रिका के लिए कार्टून बनाये। चार दशक में उन्होंने भारत और विदेशों में अपनी प्रदर्शनियां दिखाई ।     आर पी जी इंटरप्राइसेस के माध्यम से ललित कला एकाडमी  के नेशनल आर्ट गैलरी में  अपनी पेंटिंग्स "फ्रीडम एक्सप्रेसन" (Freedom Expession)और "ट्रिब्यूट टू मदर टेरेसा " (Tribute to Mother Terasa)को लगवाया।  सेलिब्रेशन 97 (Celebration-97)  नेपानगर गैलरी नेपाल में 'Confluence' Connoisseur Gallery London गैलरी एशिया  ---200

SEX करने के प्रमुख फायदे

Image
सेक्स(Sex) करने के प्रमुख फ़ायदे- भारतीय जीवन मे सेक्स को संतुलित रूप से अपनाए जाने की आवश्यक क्रिया बताई गई है ,प्राचीन काल मे सेक्स में दक्ष स्त्रियों के निपुणता के लिए काम सूत्र जैसे ग्रंथों की रचना की गई है । परंतु आज भी भारतीय जनमानस को इस मामले में खुले रूप से चर्चा करना असामान्य बताया जाता है। परंतु आपको जानकारी हो कि  जो पति पत्नी खुशहाल और स्वस्थ जीवन जीते  है उसके पीछे उनका नियमित सेक्स जीवन और  उससे पैदा हुआ आपसी प्रेम है। जो उन्हें न केवल शारीरिक ,मानसिक रूप से मजबूत करता है बल्कि उन्हें कई रोगों से लड़ने में ताकत भी प्रदान करता है। सेक्स(sex) लगभग हर किसी के जीवन का एक अभिन्न अंग है चाहे वह अंतरंग संबंध , संतानोत्पति और आनंद के बारे में हो।  सेक्स हमारे जीवन के भावनात्मक, शारीरिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक पहलुओं को सीधे प्रभावित करता है।  इसलिए, किसी भी संभोग (sex)को दोनों भागीदारों(partner) के लिए पूर्ण होना चाहिए क्योंकि सेक्स के कई फायदे हैं। सेक्स विषय को यदि हम स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाने के दृष्टि से देखतें है तो इसके कई आयाम दिखते हैं।  हम सभी अक्सर सेक्स करने

OK का full form

Image
 OK का फुल फॉर्म क्या है OK full form क्या है -- - OK का full form क्या होता है । OK का क्या मतलब है। OK का full form है OLL Korrect       यदि OK लिखते है तो All  Correct मतलब ALL यानी' सबकुछ ' 'Correct '  का अर्थ है सही   यानी पूरा अर्थ 'सब कुछ ठीक है  '।पर इसका शार्ट फॉर्म तो AK होना चाहिए पर ऐसा नहीं है। OK को (Okay, ok, अथवा O.K के रूप में भी लिखते हैं) ओके या OK को हम सहमति प्रकट करने ,किसी एग्रीमेंट में सहमति प्रकट करने,किसी बात के लिए अप्रूवल  या अनुमति देने , और (acknowledgement) एक्नॉलेजमेंट के लिए करतें है। OK को "Oll korreck" या "Ole kurreck"  या "olla kalla "के रूप में भी लिखा और बोला जाता था ,ये ग्रीक भाषा के शब्द हैं। सब कुछ ठीक है के रूप में ही OK का इस्तेमाल आज  दुनिया भर में हो रहा है। Ok के अन्य full form ---- Ok का एक अन्य full form है ऑब्जेक्शन किल्ड ( objection killed), जब आप किसी प्रोडक्ट के बाहर OK टेस्टेड लिखा देखतें है तो उसका यही अर्थ होता है।   इसके अलावा-संयुक्त राज्य अमेरिका के "ओकलाहामा "राज