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Physics Wallah (PW) और अलख पाण्डेय की सफलता की कहानी: कम फीस में JEE-NEET की बेहतरीन तैयारी कैसे संभव हुई?

  ​"सफलता रातों-रात नहीं मिलती, बल्कि यह सालों के कड़े संघर्ष और अटूट संकल्प का परिणाम होती है। आज जब हम भारतीय शिक्षा जगत में एक 'क्रांति' की बात करते हैं, तो हमारे सामने एक ऐसे शिक्षक का चेहरा आता है जिसने साइकिल से कोचिंग जाने से लेकर देश के सबसे बड़े एड-टेक (Ed-tech) साम्राज्य 'फिजिक्स वाला' के निर्माण तक का सफर तय किया। यह कहानी केवल एक शिक्षक की नहीं, बल्कि उस जिद की है जिसने शिक्षा को व्यापार से ऊपर उठाकर हर गरीब छात्र के लिए सुलभ बना दिया।यह महान कार्य इसलिए करने में सफल हुए क्योंकि अलखपांडेय ने गरीबी को नजदीक से देखा था।उन्होंने देखा कि कैसे एक गरीब और मध्यमवर्ग का बच्चा बड़े बड़े  कोचिंग संस्थाओं में एडमिशन उनकी ज्यादा फीस होने के कारण नहीं ले पाते वो होनहार मेधावी होते है पर कोचिंग करने के लिए उनके पास यथा अनुरूप पैसे नहीं होते।        अलख पांडे ने गरीब बच्चों को सस्ती और अच्छी शिक्षा देने के उद्देश्य से ही अपना सफर शुरू किया था। उन्होंने बी.टेक इसलिए छोड़ी क्योंकि उनका मन पढ़ाई से ज्यादा पढ़ाने (टीचिंग) में लगता था और वह कॉलेज की पढ़ाई से संतु...

Majid Hussain Geography Book|Review

 माजिद हुसैन Geography Book Review:

विषय वस्तु और कवरेज की गहराई 

​माजिद हुसैन द्वारा लिखित यह पुस्तक भारत के भौगोलिक परिदृश्य का एक व्यापक दस्तावेज है। इसमें भू-आकृतिक विज्ञान, जलवायु, मृदा, वनस्पति और जल संसाधनों जैसे भौतिक पहलुओं को अत्यंत सूक्ष्मता से समझाया गया है। लेखक ने केवल भौतिक भूगोल पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक भूगोल जैसे कृषि, उद्योग, परिवहन और जनसंख्या को भी समान महत्व दिया है। पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह जटिल भौगोलिक अवधारणाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत करती है, जिससे भूगोल पृष्ठभूमि के बिना भी छात्र इसे आसानी से समझ सकते हैं।

​प्रत्येक अध्याय को व्यवस्थित तरीके से वर्गीकृत किया गया है। उदाहरण के लिए, जब हम भारतीय मानसून की बात करते हैं, तो लेखक ने न केवल इसके परंपरागत सिद्धांतों को समझाया है बल्कि आधुनिक जेट स्ट्रीम और अल-नीनो जैसे प्रभावों का भी विश्लेषण किया है। यह गहराई इसे संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और विभिन्न राज्य लोक सेवा आयोगों की मुख्य परीक्षाओं के लिए अनिवार्य बनाती है। इसके अतिरिक्त, पुस्तक में प्रादेशिक भूगोल का खंड छात्रों को भारत के विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्टताओं को समझने में मदद करता है।

मानचित्र और चित्रात्मक प्रस्तुति का महत्व 

​भूगोल एक ऐसा विषय है जिसे बिना मानचित्रों के नहीं समझा जा सकता, और माजिद हुसैन की यह पुस्तक इस मामले में उत्कृष्ट है। पुस्तक में प्रयुक्त मानचित्र (Maps) और आरेख (Diagrams) डेटा को स्पष्ट और दृश्य रूप में प्रस्तुत करते हैं। जहाँ भी आवश्यक हो, वहां तालिकाओं (Tables) का उपयोग किया गया है ताकि छात्र तुलनात्मक अध्ययन कर सकें। यह विजुअल एप्रोच परीक्षा में उत्तर लेखन के समय बहुत सहायक सिद्ध होती है, क्योंकि छात्र इन चित्रों को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं में आसानी से दोहरा सकते हैं।

​उदाहरण के तौर पर, हिमालय का वर्गीकरण या नदियों के अपवाह तंत्र को दिखाने के लिए इस्तेमाल किए गए रेखाचित्र अत्यंत स्पष्ट हैं। ये चित्र केवल सजावट के लिए नहीं हैं, बल्कि वे पाठ्य सामग्री की जटिलता को कम करते हैं। पुस्तक के नवीनतम संस्करणों में डेटा को अपडेट किया गया है, जिसमें आर्थिक सर्वेक्षण और जनगणना के नवीनतम आंकड़ों को शामिल किया गया है। यदि आप मानचित्र-आधारित प्रश्नों की तैयारी कर रहे हैं, तो यह पुस्तक एक मार्गदर्शिका के रूप में कार्य करती है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रासंगिकता 

​यह पुस्तक विशेष रूप से UPSC के सामान्य अध्ययन पेपर-1 और भूगोल वैकल्पिक विषय (Optional) के प्रारंभिक चरणों के लिए डिज़ाइन की गई है। इसके कंटेंट का स्तर स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के बीच का है, जो सिविल सेवा की मांग के अनुरूप है। पुस्तक के अंत में दिए गए अभ्यास प्रश्न और पिछले वर्षों के रुझानों का विश्लेषण छात्रों को यह समझने में मदद करता है कि परीक्षा में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

​इसकी प्रासंगिकता केवल थ्योरी तक सीमित नहीं है; यह वर्तमान ज्वलंत मुद्दों जैसे जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और सतत विकास को भी कवर करती है। प्रतियोगी छात्र इसे अपनी "बाइबल" की तरह मानते हैं क्योंकि यह एक ही स्थान पर संपूर्ण भारत का भौगोलिक ज्ञान उपलब्ध कराती है। नोट्स बनाने के लिए यह एक प्राथमिक स्रोत के रूप में काम आती है।

लेखन शैली और भाषा की सुगमता 

​माजिद हुसैन की लेखन शैली बहुत ही प्रवाहमयी और संवादात्मक है। उन्होंने अकादमिक शब्दों का उपयोग करते हुए भी यह सुनिश्चित किया है कि प्रवाह बना रहे। हिंदी अनुवाद में भी शब्दावली का चयन काफी सटीक है, जो अक्सर अनुवादित पुस्तकों में एक समस्या होती है। जटिल सिद्धांतों को छोटे-छोटे पैराग्राफ और बुलेट पॉइंट्स में तोड़कर प्रस्तुत किया गया है, जिससे पाठकों की एकाग्रता बनी रहती है।

​लेखक का अनुभव उनके लिखने के तरीके में झलकता है। उन्होंने विषय को केवल तथ्यों का ढेर नहीं बनाया, बल्कि एक कहानी की तरह पिरोया है। यह छात्रों को लंबे समय तक जानकारी याद रखने में मदद करता है। चाहे आप पहली बार भूगोल पढ़ रहे हों या आप एक विशेषज्ञ हों, यह पुस्तक आपकी समझ को परिष्कृत करने की क्षमता रखती है।

निष्कर्ष: क्या आपको यह पुस्तक खरीदनी चाहिए? 

​यदि आप गंभीरता से किसी उच्च-स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो माजिद हुसैन की "भारत का भूगोल" आपके संग्रह में अवश्य होनी चाहिए। यह पुस्तक न केवल ज्ञानवर्धक है, बल्कि वैचारिक स्पष्टता प्रदान करने में भी अद्वितीय है। हालाँकि, इसकी विशालता देख कर नए छात्र थोड़ा घबरा सकते हैं, लेकिन एक बार पढ़ने के बाद यह विषय पर आपकी पकड़ मजबूत कर देती है।

​अंततः, यह पुस्तक केवल परीक्षा पास करने का साधन नहीं है, बल्कि यह आपको आपके देश की भौगोलिक विविधता, संसाधनों और चुनौतियों से परिचित कराने वाली एक खिड़की है। इसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता इसे बाजार में उपलब्ध अन्य पुस्तकों से काफी ऊपर रखती है।

माजिद हुसैन भूगोल की किताब है ! इसमें लगभग 500 पृष्ठ हैं ;इस पुस्तक के लेखक माजिद हुसैन हैं जो जामिया मिलिया 

 इस्लामिया केंद्रीय विश्विद्यालय नई दिल्ली के प्रोफ़ेसर हैं।

Majid hussain geography book|review

इस पुस्तक में भारत के भूगोल को तथ्यात्मक और व्यख्यात्मक रूप से वर्णित किया गया है। इस पुस्तक में जो तथ्य दिए गए हैं वो आँकड़े उस साल के हैं ,जिस वर्ष पुस्तक का प्रकाशन हुआ है ।

      माजिद हुसैन की बुक एक बेहतरीन बुक है जो  अभ्यर्थी UPSC,UPPSC,BPSC ,राजस्थान PCS की तैयारी कर रहे हैं। यह पुस्तक  उन सभी छात्रों के लिए प्रीलिम्स और मैन्स दोनो के लिए लाभदायक है, साथ मे स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों KVS,NVS,DSSB ,TGT,PGT, UGC/NET ,विभिन्न स्टेट के शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के लिए बहुत ही लाभकारी है। परंतु यह GS -GK पर आधारित क्लेरिकल लेबल के एग्जाम के लिए ये पुस्तक की जरूरत नहीं है। जहां अधिक फैक्ट्स पूछे जाते हैं।

 इस पुस्तक में भारत के  भूगोल का विषयवार वर्गीकरण है।

  इस भूगोल की पुस्तक में अद्यतन (update) सांख्यिकी आंकड़ों (Stastistical Data) को समाहित किया गया है।

आप इस पुस्तक की विषय सूची में जाते हैं तो आपको 17 चैप्टर मिलेंगे।

1-भारत की संरचना(Strucure of India)

2-भारत की भूआकृति(Physiography of India)

3-जल अपवाह(Drainage)

4-जलवायु

5-प्राकृतिक वनस्पति एवं राष्ट्रीय उद्यान(Natural Vegetation and National Parks)

6-मृदा(Soils)

7-संसाधन (Resources)

8-ऊर्जा संसाधन(Energy Resources)

9-कृषि(Agriculture)

10-कृषि का स्थानिक संगठन(Spatial Organisation Agriculture)

11-उद्योग(Industriyal)

12-परिवहन,संचार ,व्यापार(Transport, Communication,Trade)

13- सांस्कृतिक विन्यास(cultural Setting)

14- बस्तियां(Settelment)

15-प्रादेशिक विकास आयोजना(Regional Development and Planning)

16-भारत:राजनैतिक परिप्रेक्ष्य(India-Political Aspects)

17-समसामयिक मुद्दे(Contemporary Issues)

अब हम आते हैं किसी एक बिंदु पर विश्लेषण की यदि हम देखें कि सूती वस्त्र उद्योग तो देखेंगे कि इस बिंदु को 11 वें चैप्टर उद्योग में सम्मिलित किया गया हैऔऱ करीब 6 पृष्ठ में समझाया गया है ,इस चैप्टर में सूती वस्त्र उद्योग का संक्षिप्त इतिहास ,इसका तालिका के माद्यम से  हर साल का क्रमिक विकास समझाया गया है ,आर्थिक समीक्षा के डेटा लिए गए हैं। राज्यवार सूती वस्त्र उत्पादन ,उसका  कपास की कृषि क्षेत्रफल ,उसकी उपज किलोग्राम/प्रति हेक्टेयर की सूची दी गई है।


इसी तरह इकोनॉमिक सर्वे ऑफ इंडिया के डेटा भी दिए गए है।

सबसे बड़ी खास बात है कि वस्त्र उद्योग की समस्याएं बिंदुवार दी गईं है।ज्यादातर सिविल सेवा के मैन्स के अभ्यर्थियों को इसी तरह बिंदुवार उत्तर देना पड़ता है और इसी तरह के प्रश्न भी आते हैं ,जैसे 

      प्रश्न Q--भारत मे वस्त्रोद्योग के वितरण को स्पष्ट करते हुए बताएं कि इस उद्योग के अन्य देशों से पिछड़ने के क्या कारण हैं?

 इसी तरह जब हम  बारहवां चैप्टर परिवहन संचार व्यापार लेते है तो इसमें बहुत ही विस्तार से सड़क ,रेल ,वायु और जलीय परिवहन,मेट्रो परिवहन का वर्णन है हालांकि संचार और व्यापार को थोड़ा सा ही छुआ गया है।

सड़क परिवहन को स्वर्णिम चतुर्भुज ,राष्ट्रीय राजमार्ग को बाकायदा मैप से समझाया गया है , सड़कों का घनत्व हर प्रदेश में कितना है,भारत सरकार की सड़क नीति ,भारत मे सड़क परिवहन की मुख्य समस्याएं। 

इसी तरह रेल परिवहन के फैलाव उसका देश भर में संजाल रेल का समाज मे प्रभाव ,रेल की मुख्य  समस्याएं।

जल परिवहन में आंतरिक जलमार्ग  भारत के महत्वपूर्ण  पत्तन, एडम्स ब्रिज ,राम सेतु को विस्तार से समझाया गया है।

कृषि और  ऊर्जा संसाधन ये दो चैप्टर को भी विस्तार से  वर्णित हैं। ये दोनों चैप्टर से UPSC मैन्स में प्रश्न अवश्य पूंछे जाते हैं।

जलवायु चैप्टर में भारत के जलवायु का विस्तृत विवेचन है ,मानसून के उत्पत्ति के सिद्धांत,जेट स्ट्रीम, दक्षिणी दोलन,एल नीनो,ला नीना,मानसून विस्फोट ,भारत मे ऋतुएं, वर्षा वितरण,तड़ित झंझा,उष्ण कटिबंधीय चक्रवात,भारत मे जलवायु प्रवेश, भारत के जलवायु प्रदेश का कोपेन वर्गीकरण,RLसिंह का जलवायु वर्गीकरण,सूखा और बढ़ क्या है ,सूखा प्रबंधन,बाढ़ नियंत्रण तथा प्रबंधन

भारत के जल अपवाह(Drainage) को विस्तार से बताया गया है हिमालय का अपवाह तंत्र तथा प्रायद्वीपीय भारत का अपवाह तंत्र ,गंगा बेसिन,राष्ट्रीय जल ग्रिड,  राष्ट्रीय जल नीति,अंतरराष्ट्रीय जल  समझौते,भारत के मुख्य बांध,प्रमुख झीलें।

चैप्टर नंबर 13 सांस्कृतिक विन्यस्त मानव विज्ञान पर आधारित है ,जनसंख्या वितरण

जनजातियां , पिछड़ा वर्ग ,साक्षरता,प्रवास ,अंतरराष्ट्रीय प्रवास

इसी तरह चैप्टर 14 में बस्ती भूगोल में  , ग्रामीण बस्तियां ,नगरीकरण ,भारत की शहरी नीति ,नीति आयोग द्वारा पिछड़े क्षेत्रों के लिए विकास नीति।

इसी तरह इस पुस्तक का हर चैप्टर कुछ विशेषताएं समाहित किये है।परंतु हर जगह सांख्यिकी डेटा देने से यह कुछ बोझिल प्रतीत होती है। चूंकि ज्यादातर विश्लेषण को बार चार्ट और मैप से भी समझाया गया है इस लिए रुचिकर भी है।

 इस पुस्तक को UPSC और राज्य सिविल सेवा पर आधारित किया गया है ,पर विभिन्न अध्यापक  भर्ती के एग्जाम के लिए भी कुछ चैप्टर बहुत ही उपयोगी हैं।

निष्कर्ष: क्या आपको यह पुस्तक खरीदनी चाहिए? 

​यदि आप गंभीरता से किसी उच्च-स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो माजिद हुसैन की "भारत का भूगोल" आपके संग्रह में अवश्य होनी चाहिए। यह पुस्तक न केवल ज्ञानवर्धक है, बल्कि वैचारिक स्पष्टता प्रदान करने में भी अद्वितीय है। हालाँकि, इसकी विशालता देख कर नए छात्र थोड़ा घबरा सकते हैं, लेकिन एक बार पढ़ने के बाद यह विषय पर आपकी पकड़ मजबूत कर देती है।

​अंततः, यह पुस्तक केवल परीक्षा पास करने का साधन नहीं है, बल्कि यह आपको आपके देश की भौगोलिक विविधता, संसाधनों और चुनौतियों से परिचित कराने वाली एक खिड़की है। इसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता इसे बाजार में उपलब्ध अन्य पुस्तकों से काफी ऊपर रखती है।

      यदि आप UGC/NET ,UPSC mains ,UPPSC (विभिन्न  राज्य सेवाएं)मैन्स की तैयारी कर रहे तो ये बुक बेहतरीन है । यदि आपके पास तैयारी करने नोट्स बनाने के लिए पर्याप्त समय है तो आप NVS,KVS,राज्य टीचर्स भर्ती में भूगोल विषय से प्रवक्ता बनने की तैयारी , या हायर अध्यापक भर्ती में सम्मिलित हो रहे हो तो इसके कुछ चैप्टर जलवायु , उद्योग , भारत के नदियों का अपवाह तंत्र, भारत की भौतिकी संरचना ,परिवहन चैप्टर इम्पोर्टेन्ट हैं।

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