जीका वायरस रोग के लक्षण और बचाव

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 जीका वायरस रोग के लक्षण और बचाव--     एक साल पूर्व जीका वायरस का प्रकोप केरल और कुछ दक्षिणी भारत के राज्यों तक सुनने को मिल रहा था,आज 2021 में जीका वायरस के मरीज उत्तर भारत तक पैर पसार चुका है ,मध्यप्रदेश,गुजरात,राजस्थान  में कई जिलों में पैर पसार रहा है जीका वायरस  छोटे शहरों कस्बों तक भी फैल रहा है ,इस रोग के लक्षण वाले मरीज़ उत्तर प्रदेश के,इटावा ,कन्नौज,जालौन ,फतेहपुर में मिले हैं। उत्तर भारत और मध्य भारत तक इसके मरीज  बहुतायत में मिले हैं। कैसे फैलता है जीका वायरस-- जीका वायरस का संक्रमण मच्छरों के द्वारा होता है,वही मच्छर जिनसे डेंगू और चिकुनगुनिया होता है, यानी मच्छर काटने के बाद ही जीका वायरस फैलता है। थोड़ा सा अंतर भी है डेंगू वायरस और जीका वायरस में ,जीका वायरस  से यदि एक बार कोई संक्रमित हो जाता है ,और वह अपने साथी से शारीरिक संबंध बनाता है तो उसे भी संक्रमित कर सकता है,साथ मे संक्रमित माता के पेट मे पल रहे गर्भस्थ शिशु भी संक्रमित हो सकता है, साथ मे  जीका वायरस से संक्रमित व्यक्ति यदि कहीं ब्लड डोनेट करता है ,तो उस  ब्लड में भी जीका वायरस होता है। इस प्रकार ये खून जिसके श

NSG का full form

NSG का full form क्या है।

    NSG का full form है---National Security Guard
NSG का full form

  National Security Guard ---------------

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड को आम भाषा मे NSG कमांडो या ब्लैक कैट कमांडो भी कहा जाता है ,ब्लैक कैट कमांडो एक ऐसी सुरक्षा सेवा है जो आतंकी गतिविधियों को रोक लगाने के लिए 16 अक्टूबर 1984 को गठित हुआ ,1986 में संसद द्वारा पारित राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड अधिनियम के तहत कैबिनेट सचिवालय के तहत खड़ा किया गया था,NSG बल शत प्रतिशत प्रतिनियुक्ति पर आधारित है,इसमे सेना राज्य पुलिस और अर्ध सैन्य बल से कार्मिक प्रतिनियुक्त पर आते हैं

ये सुपरमैन की नियुक्ति भारतीय सेना, पैरा मिलिट्री फ़ोर्स और भारत के पुलिस सेवा से ली जाती है ,इन कमाण्डो को बनने के लिए 35 वर्ष से कम आयु का होना जरूरी है ,ये कमांडो के चयन में फिजिकल और मेन्टल रूप से पूर्णतयः मज़बूत होना चाहिए , इनकी ट्रेनिंग 90 दिन की होती है ,जो बेहद कठिन होती है इसमें पहले 18 मिनट में 26 करतब करने होते हैं तयह 780 मीटर की बाधाओं को पार करना होता है जो सैनिक 20 से 25 मिनट के इन टेस्ट में पास नही हो पाता उसे बाहर कर दिया जाता है बचे हुए चयनित की ट्रेनिंग 90 दिन की होती है ,ये ट्रेनिंग बेहद जटिल होती है इसमें ट्रेनीज को रोज कठिन ट्रेनिंग दी जाती है पहाड़ों पर बिना सहारे के चलना ,गर्म और ठंढे पानी मे तैर कर पर करना कई किलो वजन लेकर पचासों किलोमीटर दौड़ना जिसमे लगातार बढ़ाये खड़ी रहतीं है । इस ट्रैनिंग में कुछ विशेष प्रकार के आयुध को चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है , ट्रेनिंग पीरियड में एक ट्रेनीज को 65 हज़ार कारतूसों का प्रयोग करना पड़ता है इसे आप ऐसे समझो कि एक आम सैनिक पूरे जीवन मे इतने कारतूस का प्रयोग नही कर पाता। देश भर में 14500 ब्लैक कैट कमांडो लिए जाते है मिलिट्री से तीन साल के लिए और अर्द्ध सैन्य बल से पांच साल के लिए कमांडो बनाये जाते हैं। ये कमांडो जान पर खेलकर देश को सुरक्षा देते हैं।यह बल का मुख्य कार्य विशिष्ट परिस्थितियों में आतंकी खतरे को कम करना अपहरण जैसे घटनाओं में बंधक बनाए गए व्यक्तियों की सुरक्षा करना,इस प्रकार ये संगठन  राष्ट्र विरोधी  नापाक मंसूबो को नाक़ाम करते हुए भारत की एकता अक्षुण्णता की रक्षा करना है।

  NSG के विशेष कार्य---


  1. आतंकवादी खतरों के निराकरण
  2. हवा में  अपहरण और जमीन पर अपहरण जैसे वारदातों से सक्रियता से निपटना और बंधकों की रक्षा  करना।
  3. बम निरोधक कार्यवाही(खोज,पता लगाना औऱ आई ई डी का निराकरण)
26 नवम्बर 2008 को  मुम्बई  में हुए आतंकी हमलों के दौरान NSG केे ब्लैक कैट कंमांडो ने ब्लैक टोरेन्डो और साइक्लोन ऑपरेशन के जरिये आतंकियों को नेस्तनाबूद करते हुए बंधकों को छुड़ाया था। इस घटना के बाद मुम्बई हैदराबाद ,चेन्नई ,कोलकाता में चार नए एन एस जी केंद्रों की स्थापना हुई।

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