अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी।

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 अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी।  अकबर पद्मसी आर्टिस्ट की जीवनी हिंदी में। अकबर पद्मसी को एस. एच. रजा ,F N सूजा, M.F. हुसैन की श्रेणी में रखा जाता है। इन्होंने कई विधाओं में कार्य किया , अकबर पद्मसी ने तैल रंग ,जल रंग ,स्कल्पचर और प्रिंटमेकिंग में , लिथोग्राफी,  में कंप्यूटर ग्राफ़िक्स में कार्य किया। अकबर पदमसी  अकबर पदमसी का प्रारंभिक जीवन -- अकबर पद्मसी का जन्म गुजरात के कच्छ क्षेत्र में एक मुस्लिम खोजा जाति में हुआ था ,इनके पूर्वज पहले राज दरबार मे कविता और गायन वादन किया करते थे जिन्हें चारण कहा जाता था। पद्मसी के बाबा काठियावाड़ क्षेत्र के गांव वघनगर के सरपंच थे तब लोंगों ने उनके अच्छे कार्यों के कारण पदमसी की उपाधि दी थी जो वास्तव में पद्मश्री का अपभ्रंश है।पद्मसी के पिता हसन पदमसी एक जाने माने व्यापारी थे जिनका फर्नीचर का व्यापार था वो बहुत धनी थे उनके दस मकान थे।परंतु इतना होने के बावजूद पदमसी परिवार में कोई पढ़ा लिखा व्यक्ति नहीं था ,तब अकबर पद्मसी जो सात भाइयों में से एक थे  ,इनके एक भाई एलिक पदमसी थे जिन्होंने थियेटर रंगमंच में नाट्यदक्षता से अपनी पहचान बनाई थी  वो थिएटर आर्टिस

Full form of NCC


NCC का full form क्या है?

NCC का full form है----"National Cadet Corps"

हिंदी में राष्ट्रीय कैडेट कोर्स कहते है।



आपने कई बार किसी स्कूल और कॉलेजों के फील्ड में कुछ पूर्ण युवा लड़को  और युवा लड़कियों को परेड करते देखा होगा ,और आप सोचते होंगे कि ये किसी पुलिस या पी ए सी की ट्रेनिंग हो रही है ,ये युवा पूरी तरह वर्दी धारी होते हैं ,पर आपको ये जानकारी हो कि स्कूल और कॉलेज के स्तर पर स्टूडेंट को एन सी सी की ट्रेनिंग दी जाती है , स्कूलों और कॉलेजों में कैडेट्स रंगरूटों का एक सैनिक संगठन होता है। इस संगठन की स्थापना 14 जुलाई 1947 को की गई थी और इस संगठन का मुख्यालय नई दिल्ली में है।

 एन सी सी की  ट्रेनिंग में कैडेट्स के अंदर देशभक्ति की भावना से लबरेज किया जाता है और उनको अनुशासन में रहना सिखाया जाता है, ये कैडेट्स एक प्रकार से सेना की कमी को पूरा करती हैं क्योंकि इनको ट्रेनिंग के दरमियान सेना की तरह ही ट्रेनिंग दी जाती है।सेना का आदर्श वाक्य भी एकता और अनुशासन ही है, NCC के ध्वज में तीन कलर होते है एक लाल रंग दूसरा गहरा नीला तीसरा हल्का नीला,ये रंग कॉर्प्स की तीनों सेनाओं को दर्शाते हैं, हल्का नीला रंग वायु सेना को दर्शाता हैं वहीं लाल रंग थल सेना को और गहरा नीला रंग नेवी को दर्शाता है।
   NCC को स्टूडेंट अपनी इच्छा से जॉइन कर सकता है ,इसके लिए जिस विद्यालय में NCC पाठ्यक्रम संचालित होता है उस विद्यालय के  कक्षाध्यापक से मिलना पड़ता है और एक फॉर्म को भरने के बाद ख़ुद को NCC में प्रवेश के लिए प्रार्थना की जाती है। कई बार NCC में कैडेट्स के चयन के लिए गांव में कैम्प लगाए जाते है।
       NCC के ट्रेनिंग में यह बताया जाता है कि यदि आप मिलिट्री या सेना में भर्ती हो जाते है तो वहां किस प्रकार की गतिविधियां संचालित होते है।वहां किस प्रकार की ट्रेनिंग दी जाती है वहां किस प्रकार रहा जाता है कैसे दुश्मन का सामना करना पड़ता है। NCC जॉइन करने के बाद कैडेट्स में सेवा भावना जगाने के लिए और कम्युनिकेशन स्किल डेवेलोप करने के लिए कैडेट्स को किसी मेला में लोंगों की सहायता के लिए कैम्प लगाया जाता है जिससे वो लोंगों की मदद कर सकें, इसी तरह किसी आपदा के समय जैसे बाढ़ ,भूकंप या अचानक किसी ट्रेन दुर्घटना के समय NCC सैन्य बल के साथ मदद करती दिखती है । इन सब गतिविधियों से कॉर्प्स  में  लीडरशिप स्किल और देशभक्ति की भावना कूट कूट कर भर जाती है।
ट्रेनिंग पूरा होने के बाद इनको सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है ,ये सर्टिफिकेट गवर्नमेंट जॉब में लाभ पहुंचाते हैं क्योंकि NCC के" C" सर्टिफिकेट वाले को इंडियन मिलिट्री एकेडमी में 64 सीट रिज़र्व होती हैं,Navy के हर कोर्स में 6 vacancy एयरफ़ोर्स में 10 प्रतिशत  छूट हर कोर्स में होती है ।
     

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