Full form of ED

E D का full form--

Directorate General of Economic Enforce ment) आर्थिक प्रवर्तन महानिदेशक--यह संस्थान जी स्थापना एक मई 1956 को आर्थिक कार्य विभाग में प्रवर्तन इकाई के रूप में की गई  1957  में इस संस्थान का नाम बदलकर प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate ) कर दिया गया।
,यह विधि प्रवर्तन और आर्थिक आसूचना एजेंसी है जो भारत में आर्थिक कानून लागू करने और आर्थिक अपराध रोकने के लिए गठित की गई है,इस संगठन में भारतीय राजस्व सेवा,भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी होते हैं। इस समय ये मुख्यता दो मुख्य अधिनियम जो वित्त अपराध को नियंत्रित करते है ये हैं विदेश विनिमय प्रबंधन अधिनियम1999 fema) और धन आशोधन निवारण अधिनियम 2002 (PMLA)

छः चीजें रखें सेहतमंद, six things for health



                                                                              रोग भगाएं छह चीजों से --


आप देखते होंगे कुछ लोग जल्दी जल्दी बीमार होते
हैं कुछ लोंगों का इम्यून सिस्टम बहुत मजबूत होता है जिससे वह बीमार नहीं पड़ते , , यदि आप इन छः चीज़ों का  सेवन करते हैं तो निश्चित रूप से आप बीमारी से बचे रहेंगे।
छः चीजें रखें सेहतमंद, six things for health

   (१)    सेब----

 एक मशहूर कहावत आप लोंगों ने ज़रूर सुना होगा ,कि   रोज एक सेब आपको डॉक्टर से दूर रखता है ,ये बात बिलकुल सही है क्योंकि सेब में ढेर सारे पोषक तत्व पाये जाते हैं,जो हमारे रोग प्रतिरोधक तंत्र को बढ़ाते हैं,सेब में बिटामिन A, बिटामिन B-1, बिटामिन B-2, बिटामिन B-6, बिटामिन C और बिटामिन E पाये जाते हैं, इसमें मैगनीज ,कॉपर आदि तत्व पाये जाते हैं, इसमें भरपूर फाइबर पाया जाता है, इसमें एक पेक्टिन नामक पोषक तत्व पाया जाता है जो हमारे शरीर में गुड  बैक्टीरिया  की संख्या बढ़ाता है, जिससे शरीर का मेटाबोलिज्म


सही हो जाता है, सेब में  आइरन भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है,साथ में आर्सेनिक और फास्फोरस भी पाया जाता है,ये दोनों तत्व शरीर में खून की कमी को दूर करने में सहायक होते हैं, इस फल को सलाद के साथ प्रयोग कर सकते हैं  या फिर फ्रूट रायता के रूप में सेब को काटकर प्रयोग कर  सकते हैं,  सेब को दूध के साथ  प्रयोग करने से त्वचा में निखार आता है और हड्डियां मज़बूत होती हैं ,सेब का जूस पीना चाहते है तो आप  भोजन  ग्रहण    करने से आधा घण्टा पूर्व इसका सेवन करें , इससे आपका ब्लड प्रेशर  नियंत्रण में रहेगा । इस प्रकार सेब का प्रयोग इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार है।

 ( २) पपीता- 


बिटामिन C से भरपूर ये फल न केवल  शरीर के रोग प्रतिरोधक तन्त्र को मज़बूत करता है, बल्कि पाचनतंत्र को मजबूत करता है, पाचनतंत्र को मजबूत पपीते में पाये जाने वाले पपेन नामक  डाइजेस्टिव एंजाइम पाये जाने के कारण होता है, इस फल में पोटेशियम, फोलेट, और बिटामिन B ,का बढ़िया श्रोत पाया जाता है,शरीर के लिए



प्रोटीन, मिनरल्स, बिटामिन की पूर्ति में पपीता काफ़ी सहायक है, इसके सेवन से छोटे बच्चों का मानसिक विकास तेजी से होता है,   पपीता   महिलाओं  के स्वास्थ्य के लिए  भी लाभदायक है हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि पपीता अपने आप में सम्पूर्ण आहार है,।

   ( ३) बीजों का सेवन--


आपको स्वस्थ रहना है तो कुछ बीजों का प्रयोग शुरू कर दें जिनको आप कूड़ा समझकर फेंक देते है, आप सूरज मुखी के बीज, कद्दू के बीज,अलसी के बीज, खीरे के बीज, खरबूजे के बीज, तरबूज के



बीज का प्रयोग करते है तो शरीर को कई व्याधियों से दूर कर सकते हो ,  अलसी  के बीज को पीसकर लड्डू बनाकर खाइये  बेहतर तरीका है इसके प्रयोग का इसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं , इसी तरह कद्दू के बीज को छीलकर उसके गूदे से कोई पकवान बना सकतें है ,इसमें भी प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट तत्व विद्यमान होता है ।           ,
        ये सभी उच्च रक्त चाप ,डाइबटीज को भी भगा सकते हो।

   (४)खट्टे फल-- 


विभिन्न प्रकार के खट्टे फल बिटामिन c के भरपूर स्रोत है ,जो  श्वेत रक्त कणिकाओं की संख्या को बढ़ाते है,जिससे रोग प्रतिरोधक तंत्र  मजबूत होता है, खट्टे फलों में नीबू, संतरा, मौसमी,अमरुद,आदि कई फल हैं ,सबसे ज्यादा आवंला में बिटामिन C पाया जाता है आप साल भर इसका प्रयोग मुरब्बा बना कर या आंवले का आचार बना कर  सकते हैं, बिटामिन c के सेवन से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है, खट्टे फलों में शरीर के लिए जरूरी  सोडियम , पोटेशियम, मैग्नीशियम, कॉपर ,सल्फर आदि पोषक तत्व भी  पाए जाते हैं,इनके सेवन से शरीर के हानिकारक तत्व बहार निकल जाते हैं।

     (५)  पालक--


  पालक हरे पत्ते दार सब्जियों में कई पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं, पालक में फ्लैवोनोइड ,कैरोटेनॉइड्स और बिटामिन E और बिटामिन C का अच्छा स्रोत है,यह इम्यून सिस्टम को ठीक रखता है, इसमें पाये जाने वाले भरपूर आइरन से न केवल   हीमोग्लोबिन  बढ़ाता है बल्कि  इससे लाल रक्त


कणिकाओं की  संख्या बढ़ती है, जिससे रक्ताल्पता की बीमारी दूर होती है , इसमें कैल्सियम भरपूर मात्रा में पाया  जाता है, जिससे हड्डियों में पाई जाने वाले ऑस्टिओपोरेसिस नामक बीमारी खत्म होती है, इसमें पाये जाने वाले पोषक तत्व से पेट की बीमारियां नहीं होतीं है,इसके जूस के पीने से दांत के रोग नही पैदा होते,  इस प्रकार पालक भरपूर फायदेमन्द है,।

  (६)  ग्रीन टी--


 ग्रीन टी में भरपूर इम्युनिटी तत्व पाये जाते है , ये एंटीओक्सीडेंट  से भरपूर है , एंटीऑक्सीडेंट   तत्व  कई रोग नहीं होते, इसके सेवन से शरीर में कोशिकाओं के नष्ट होने की प्रक्रिया में कमी आती है जिससे बुढ़ापा देर से आता है, अन्य गर्म पेय पदार्थों की तुलना में ग्रीन टी में दस गुना ज्यादा एंटी वायरस तत्व पाये जाते हैं,


   ग्रीन टी कई प्रकार के संक्रमण से शरीर को दूर रखता है, सीमित मात्रा में इसके सेवन से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है,इसके प्रयोग से घाव जल्दी भरते हैं ,यह शरीर और मस्तिष्क को तरोताजा रखता है, इसके प्रयोग से टाइप-2 शुगर ,अल्झाइमर को दूर करने में मदद मिलती है,ग्रीन टी रोज पीने से बाल झड़ने और दांत गिरने की समस्या से भी मुक्ति पाया जाता है ,मेडिकल शोधों में नित नई ख़ोज से ग्रीन टी के महत्त्व में निरंतर बढ़ोत्तरी हो रही है।
      इस प्रकार इन ,,,.      छः चीजें रखें सेहतमंद, six things for health   ,,,,,       ..का प्रयोग करके ख़ुद को सेहतमंद रख सकते हो ।

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